यूटिलिटी

रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम में इस साल नवंबर तक 73 लाख स्मार्ट मीटर हुए इंस्टॉल, 25 करोड़ का टारगेट

Revamped Distribution Sector Scheme: इस स्कीम को सरकार की ओर से जुलाई 2021 में शुरू किया गया था। स्कीम के तहत मार्च 2025 तक लगभग 25 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना पर 3.3 ट्रिलियन रुपये का खर्च आएगा।

Image

revamped distribution sector scheme (image-istock)

Revamped Distribution Sector Scheme: संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत इस साल नवंबर तक अलग-अलग राज्यों में लगभग 73 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने राज्यसभा में एक जवाब में कहा कि 29 नवंबर तक विभिन्न राज्यों में लगभग 19.79 करोड़ स्मार्ट मीटर अप्रूव किए जा चुके हैं और 72.97 लाख डिवाइस इंस्टॉल किए जा चुके हैं।

क्या है स्कीम

इस स्कीम को सरकार की ओर से जुलाई 2021 में शुरू किया गया था। स्कीम के तहत मार्च 2025 तक लगभग 25 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना पर 3.3 ट्रिलियन रुपये का खर्च आएगा।

केंद्रीय मंत्री ने संसद में उन राज्यों को लेकर भी जानकारी दी, जहां अभी तक स्मार्ट मीटर की संख्या शून्य बनी हुई है। मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु, त्रिपुरा, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में स्मार्ट मीटर की स्थापना 'शून्य' थी, जबकि इन राज्यों में अप्रूव्ड डिवाइस की संख्या क्रमशः 3 करोड़, 5.47 लाख, 1.42 करोड़ और 87.84 लाख थी।

शून्य स्थापना वाले दूसरे राज्यों नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, झारखंड, केरल, अरुणाचल प्रदेश और गोवा का नाम भी शामिल है। हालांकि, इन राज्यों में अप्रूव्ड डिवाइस की संख्या को लेकर भी जानकारी दी गई।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नागालैंड में 3.17 लाख, मेघालय में 4.60 लाख, मिजोरम में 2.89 लाख, झारखंड में 13.41 लाख, केरल में 1.32 करोड़, अरुणाचल प्रदेश में 2.87 लाख और गोवा में 7.41 लाख डिवाइस को मंजूरी दी गई है। इसी तरह 29 नवंबर तक अंडमान एवं निकोबार तथा पुडुचेरी में भी स्मार्ट मीटर की संख्या शून्य है लेकिन, दोनों ही केंद्र शासित प्रदेशों के लिए क्रमशः 83,573 और 4.03 लाख स्मार्ट मीटर को मंजूरी दे दी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि नवंबर तक असम में कुल 63.64 लाख अप्रूव्ड में से 22.89 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए, जो कि सबसे ज्यादा थे। उसके बाद बिहार में 23.50 लाख अप्रूव्ड में से कुल 19.39 लाख डिवाइस लगाए गए। मध्य प्रदेश में 1.29 करोड़ अप्रूव्ड मीटर में से 10.13 लाख मीटर लगाए गए। उत्तर प्रदेश में 2.69 करोड़ अप्रूव्ड मीटर में से 3.79 लाख मीटर लगाए गए। उत्तराखंड में डिवाइस लगाने की संख्या मात्र 7 रही, जबकि कुल अप्रूव्ड मीटर की संख्या 15.87 लाख रही।

इनपुट-IANS

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article