Corona Treatment: महाराष्ट्र के एक डॉक्टर का दावा, 'शराब पिलाकर ठीक किए 40 से 50 कोरोना मरीज'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 14, 2021, 03:50 PM IST

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से देश भर में तबाही मची हुई है। इसी बीच महाराष्ट्र के एक डॉक्टर ने दावा किया कि शराब पिलाकर 40 से 50 कोरोना मरीज को ठीक कर चुके हैं।

Corona Treatment: महाराष्ट्र के एक डॉक्टर का दावा, 'शराब पिलाकर ठीक किए 40 से 50 कोरोना मरीज'

देश भर में कोरना वायरस की दूसरी लहर ने कोहराम मचा दिया है। हर रोज संक्रमितों और मरने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लेकिन इस महामारी पर काबू पाने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को जरूरी दवाइयां और ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराए जा रहे हैं। 18 साल से ऊपर के लोगों को तेजी से वैक्सीन लगाई जा रही है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक डॉक्टर अरुण भिसे ने अजीब दावा किया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मैंने कोरोना मरीजों को शराब पिलाकर ठीक किया है। डॉक्टर ने दावा किया कि शराब पिलाकर 40 से 50 कोरोना मरीज अब तक ठीक कर चुके हैं। जिसमें से 10 मरीज गंभीर रूप से बीमार थे। अभी तक एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मैं दवाइयों के साथ सीमित मात्रा में शराब का सेवन करने को कहते हैं। हालांकि टाइम्स नाउ हिंदी ऐसे कोई भी दावे का समर्थन नहीं करता है।

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टर अरुण भिसे ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सबसे पहले पास के डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। उसके बाद में कोरोना से किस तरह का संक्रमण है उस हिसाब से टास्क फोर्स द्वारा बताई गई दवाई लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कोरोना होने के बाद जिस दिन आपके मुंह का स्वाद चला जाए और भूख लगना कम हो जाए। उस दिन से अल्कोहल लेना शुरू कराना चाहिए। हां यह ध्यान रखें कि उसमें अल्कोहल की मात्रा 40% से ज्यादा हो। कोई शराब पी सकते हैं। ब्रांडी, व्हिस्की, वोडका, देशी कोई भी शराब पी सकते हैं। शराब की मात्रा 30 मिलीलीटर में 30 मिलीलीटर पानी मिलाकर कोरोना रोगी को दिया जाना चाहिए। 

डॉक्टर अरुण भिसे का कहना है कि कोरोना वायरस ऊपरी परत लिपिड की है जो अल्कोहल के संपर्क में आने से नष्ट हो जाती है। उन्होने कहा कि इसी कारण सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दी जाती है। शराब पीने के बाद वो खून की नसों के रास्ते आधा मिनट में पूरे शरीर में पहुंचती है। फेफड़ों के बाद शराब हवा के संपर्क में आती है और शरीर से बाहर निकल जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर मे मौजूद कोरोना वायरस निष्क्रिय हो जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से मरीजों को काफी मेंटल टेंशन होती है। इस टेंशन को कम करने का काम शराब करती है।

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