Ganesh Laddoo: हैदराबाद में 61 लाख में बिका गणेश लड्डू, सोसाइटी के 100 लोगों ने मिलकर खरीदा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 12, 2022, 09:48 PM IST

Ganesh Laddoo: यहां के निवासियों ने पांच साल पहले गणेश लड्डू के लिए 25,000 रुपए का भुगतान करके नीलामी की परंपरा शुरू की थी। अंतर ये था कि सबसे अधिक बोली लगाने वाले को लड्डू देने के बजाय पूजा के आयोजकों ने लड्डू के भुगतान के लिए सभी निवासियों से पैसे स्वीकार करने का फैसला किया।

Ganesh Laddoo: हैदराबाद में 61 लाख में बिका गणेश लड्डू, सोसाइटी के 100 लोगों ने मिलकर खरीदा

Ganesh Laddoo: हैदराबाद समेत देशभर में इस बार भी गणेशोत्सव की काफी धूम रही। भगवान गणेश को प्रसाद में चढ़ाए जाने वाला गणेश लड्डू अपनी कीमतों को लेकर काफी चर्चा में है। गणेश लड्डू से मिठाई बेचने वालों ने रिकॉर्ड मात्रा में कमाई की है, जो कई लाख रुपए है। दरअसल इस साल हैदराबाद की रिचमंड विला सन सिटी में 10-12 किलोग्राम के लड्डू ने 100 निवासियों की ओर से भुगतान करने के बाद रिकॉर्ड 60.8 लाख रुपए कमाए हैं। वहीं मराकाठा श्री लक्ष्मी गणपति उत्सव पंडाल में गणेश लड्डू लगभग 46 लाख और बालापुर गणेश लड्डू 24.60 लाख रुपए में बिका। दरअसल ये सब 1994 में बालापुर पंडाल में शुरू हुआ था, जब स्थानीय किसान कोलन मोहन रेड्डी ने शुभ लड्डू के लिए 450 रुपए की बोली लगाई थी।

हैदराबाद में 61 लाख में बिका गणेश लड्डू

सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि लाते हैं गणेश लड्डू

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय निवासियों का मानना ​​है कि गणेश लड्डू सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि लाते हैं। लड्डू की नीलामी हैदराबाद में बालापुर गणेश मूर्ति विसर्जन जुलूस की शुरुआत का प्रतीक है। रिचमंड विला सन सिटी के रहने वाले डॉक्टर साजी डिसूजा ने कहा कि करीब 100 लोग लड्डू खरीदने के लिए एकत्र हुए थे। उन्होंने कहा कि हमारे बीच हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख हैं, लेकिन एकमात्र धर्म जिसे हम सभी मानते हैं वह है मानवता। गणेश उत्सव हम सभी के लिए एक साथ आने और मानवता का जश्न मनाने का एक अच्छा अवसर है।

यहां के निवासियों ने पांच साल पहले गणेश लड्डू के लिए 25,000 रुपए का भुगतान करके नीलामी की परंपरा शुरू की थी। अंतर ये था कि सबसे अधिक बोली लगाने वाले को लड्डू देने के बजाय पूजा के आयोजकों ने लड्डू के भुगतान के लिए सभी निवासियों से पैसे स्वीकार करने का फैसला किया।

हर साल योगदानकर्ताओं की संख्या बढ़ने के साथ आरवी दीया चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की गई थी, जो अब शिक्षा और चिकित्सा आवश्यकताओं का समर्थन करने के लिए 17 गैर सरकारी संगठनों को फंड देता है। जब मराकाठा श्री लक्ष्मी गणपति उत्सव पंडाल के लड्डू की नीलामी 45,99,999 रुपए में की गई थी तो ये तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में एक लड्डू के लिए सबसे अधिक व्यक्तिगत बोली थी। इस साल बालापुर के लड्डू को स्थानीय किसान और रियल्टी वी लक्ष्मा रेड्डी ने 24.60 लाख रुपए में खरीदा था। उत्सव का आयोजन करने वाली समिति के एक सदस्य ने कहा कि नीलामी के पैसे का इस्तेमाल बालापुर में मंदिरों के विकास के लिए किया जाएगा। 
 

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