यात्रा

जिम कॉर्बेट का ढिकाला जोन इतना फेमस क्यों, और बुकिंग क्यों होती है फुल?

Dhikala Safari: ढिकाला जोन में सफारी का अनुभव बेहद खास माना जाता है, लेकिन यहां जाने के लिए पहले से योजना बनाना जरूरी है। जंगल के अंदर ठहरने की सुविधा, जीप सफारी के लिए ओवरनाइट स्टे, लिमिटेड बुकिंग विंडो और मानसून के दौरान बंद रहने जैसे कारण आपकी यात्रा को प्रभावित कर सकते हैं।

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जिम कॉर्बेट का ढिकाला जोन

Jim Corbett Dhikala zone: उत्तराखंड में स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत के सबसे लोकप्रिय वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशनों में से एक है। यहां आने वाले अधिकतर पर्यटकों की पहली पसंद ढिकाला जोन में सफारी करना होती है। बाघों और जंगली हाथियों को देखने के लिए यह सबसे प्रसिद्ध और बड़ा क्षेत्र है। हालांकि, इस क्षेत्र में सफारी या ठहरने की बुकिंग पाना इतना आसान नहीं होता। ढिकाला जोन को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का क्राउन ज्वेल कहा जाता है। यहां फैले विशाल घास के मैदान इसे यूनीक ट्रैवल डेस्टिनेश बनाते हैं। सीमित परमिट, कम आवास और सख्त नियमों के कारण यहां स्लॉट मिलना अक्सर चुनौती बन जाता है।

जीप सफारी के लिए जंगल में रुकना जरूरी

ढिकाला जोन में जीप सफारी का अनुभव बाकी क्षेत्रों से अलग है। यहां सफारी के लिए आने वाले पर्यटकों को जंगल के अंदर बने सरकारी फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में रात बितानी पड़ती है। क्योंकि यह क्षेत्र पार्क के हिस्से में काफी अंदर स्थित है, इसलिए केवल वही पर्यटक जीप सफारी कर सकते हैं जो जंगल में ठहरते हैं।

सीमित ठहरने की सुविधाएं

ढिकाला रेंज के अंदर ठहरने के लिए केवल कुछ ही सरकारी रेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। इनमें ढिकाला फॉरेस्ट रेस्ट हाउस सबसे प्रसिद्ध है, जहां से रामगंगा जलाशय और घास के मैदानों का शानदार दृश्य दिखाई देता है। इसके अलावा गैरेल फॉरेस्ट रेस्ट हाउस , सरपदुली फॉरेस्ट रेस्ट हाउस और सुल्तान फॉरेस्ट रेस्ट हाउस भी हैं, लेकिन यहां भी कमरे बहुत सीमित हैं।

बुकिंग विंडो

धिकाला में ठहरने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कुछ सप्ताह पहले ही खुलती है और ट्रैवलर या टूर ऑपरेटर तुरंत कमरों की बुकिंग कर लेते हैं। कम कमरों और ज्यादा मांग के कारण लोकप्रिय तारीखें बहुत जल्दी भर जाती हैं। बुकिंग बंद हो जाती है क्योंकि यह जगह बहुत फेमस है और इसी वजह से यह हमेशा फुल और बुक ही रहती है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति आखिरी समय में बुकिंग करना चाहता है, तो उसे अक्सर कमरा मिलना मुश्किल हो जाता है।

ध्यान देने योग्य बात

आप केवल केंटर (एक प्रकार की खुली बस) के माध्यम से भी ढिकाला घूम सकते हैं। इसमें एक बार में 16 से 32 लोग जा सकते हैं। ये जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि जीप सफारी की अनुमति केवल उन लोगों को होती है जो ढिकाला के भीतर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में ठहरते हैं।

यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्मा author

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–... और देखें

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