Asthma Patients Travel Tips: गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर हिल स्टेशन की ओर घूमने का प्लान बनाते हैं। ठंडी हवा, शांत वातावरण और प्राकृतिक नजारों के बीच समय बिताना बेहद सुकून देता है। लेकिन जिन लोगों को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी (COPD) या सांस से जुड़ी अन्य बीमारियां हैं, उनके लिए हिल स्टेशन की यात्रा कई बार परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए यदि आपको सांस से जुड़ी कोई समस्या है, तो आपको पहाड़ी यात्रा (Hill Station) से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। आइए जानते हैं सांस के मरीज क्यों न बनाएं पहाड़ों की यात्रा का प्लान?
कम होता ऑक्सीजन लेवल
हिल स्टेशनों पर ऊंचाई बढ़ने के साथ हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है। सामान्य व्यक्ति का शरीर इस बदलाव के अनुसार खुद को ढाल लेता है, लेकिन सांस के मरीजों के लिए यह आसान नहीं होता। कम ऑक्सीजन की वजह से सांस फूलना, सीने में जकड़न और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासतौर पर अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों को अधिक परेशानी महसूस हो सकती है। यही कारण है कि हेल्थ एक्सपर्ट सांस के मरीजों को ज्यादा ऊंचे हिल स्टेशनों की यात्रा न करने की सलाह देते हैं।
ठंडी हवा से दिक्कत
पहाड़ी क्षेत्रों की ठंडी और शुष्क हवा हमारी सांस की नलियों को संकुचित कर देती है। इससे अस्थमा अटैक या तेज खांसी की समस्या पैदा हो सकती है। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या सांस की तकलीफ है, उनके लिए ये अचानक हुआ मौसम का बदलाव ट्रिगर का काम कर सकता है। सुबह और रात के समय यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है। इसलिए पहाड़ों पर सुबह-शाम के समय बाहर निकलना चाहिए।
चढ़ाई बन सकती है चुनौती
हिल स्टेशन पर घूमने के दौरान अक्सर पैदल चलना, सीढ़ियां चढ़ना या ऊंचाई वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है। सांस के मरीजों के लिए यह शारीरिक मेहनत मुश्किल हो सकती है। थोड़ी दूरी चलने पर भी सांस फूलने लगती है और शरीर जल्दी थक जाता है। कई बार ऑक्सीजन की कमी के कारण चक्कर आने या बेचैनी जैसी समस्या भी हो सकती है।
यात्रा में बरतें सावधानी
हिल स्टेशन की यात्रा एक खूबसूरत अनुभव हो सकती है, लेकिन सांस के मरीजों के लिए यात्रा के दौरान लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए सही तैयारी, डॉक्टर की सलाह और जरूरी सावधानियों के साथ ही यात्रा करनी चाहिए। यदि यात्रा के दौरान सांस लेने में ज्यादा परेशानी, सीने में दर्द या चक्कर महसूस हो, तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।
