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Pangong Frozen Lake Marathon 2027: फरवरी में जमी हुई झील पर दौड़ने का मौका, जानें पैंगोंग फ्रोजन लेक मैराथन 2027 की तारीख और खास बातें

Pangong Frozen Lake Marathon 2027 के आयोजन की जानकारी सामने आई है। जानें रेस की तारीखें, 5 से 55 किमी तक की कैटेगरी, रजिस्ट्रेशन फीस और जरूरी सावधानियां।

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फरवरी 2027 में कब होगा पैंगोंग फ्रोजन लेक मैराथन (AI Image)

Pangong Frozen Lake Marathon 2027: लद्दाख की खूबसूरती को देखने के लिए लोग अक्सर गर्मियों का इंतजार करते हैं। नीले आसमान, ऊंचे पहाड़ों और पैंगोंग झील के खूबसूरत नजारों के बीच घूमने का अपना अलग मजा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसी झील पर जब चारों तरफ बर्फ जम जाए, तब वहां दौड़ना कैसा होगा? वह भी माइनस तापमान में, जहां हर कदम आपकी हिम्मत और सहनशक्ति का इम्तिहान लेता है।

अगर आपको एडवेंचर पसंद है, तो फरवरी 2027 में लद्दाख का पैंगोंग फ्रोजन लेक मैराथन आपके लिए खास हो सकता है। इस अनोखी दौड़ का आयोजन 24 और 25 फरवरी 2027 को किया जाएगा। इस बार आयोजन की थीम द लास्ट रन रखी गई है, जो हिमालय के बदलते मौसम और ग्लेशियरों पर जलवायु परिवर्तन के असर की ओर भी ध्यान खींचती है।

बर्फ से ढकी पैंगोंग झील पर दौड़ने का अनुभव

पैंगोंग झील लद्दाख की सबसे चर्चित जगहों में से एक है। गर्मियों में इसका नीला पानी पर्यटकों को आकर्षित करता है, जबकि सर्दियों में इसका नजारा बिल्कुल बदल जाता है। तापमान गिरने पर झील की सतह पर बर्फ जम जाती है और चारों ओर बर्फीले पहाड़ दिखाई देते हैं।

इसी प्राकृतिक माहौल में आयोजित होने वाला यह मैराथन सामान्य सड़क दौड़ से काफी अलग है। यहां चुनौती सिर्फ लंबी दूरी तय करने की नहीं, बल्कि ऊंचाई, ठंड और बर्फीली सतह के बीच खुद को संभालकर दौड़ने की भी है।

आयोजकों के अनुसार, यह दौड़ समुद्र तल से करीब 4,273 मीटर की ऊंचाई पर आयोजित होने वाले अनोखे खेल आयोजनों में शामिल है। साल 2023 में इसने सबसे ऊंचाई पर जमी झील पर आयोजित मैराथन के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

फरवरी 2027 में कब होगा पैंगोंग फ्रोजन लेक मैराथन

इस आयोजन में अलग-अलग दूरी की दौड़ रखी गई हैं। अगर आप इसमें हिस्सा लेने की योजना बना रहे हैं, तो तारीखों पर ध्यान दें।

  • 24 फरवरी 2027- फुल मैराथन- 42.195 किमी
  • 24 फरवरी 2027 - एमेच्योर रन - 10 किमी
  • 24 फरवरी 2027 - पैंगोंग आइस अल्ट्रा - 55 किमी
  • 25 फरवरी 2027 - हाफ मैराथन - 21.9 किमी
  • 25 फरवरी 2027 - रन फॉर फन - 5 किमी

ये तारीखें आयोजन की आधिकारिक वेबसाइट से ली गई हैं।

इस बार 'द लास्ट रन' क्यों है खास

इस मैराथन की सबसे खास बात इसकी थीम है। साल 2027 के आयोजन को 'द लास्ट रन' नाम दिया गया है। इसके पीछे हिमालय के ग्लेशियरों पर जलवायु परिवर्तन का बढ़ता असर एक बड़ी वजह है।

दरअसल, आयोजकों ने चिंता जताई है कि बदलते मौसम के कारण पैंगोंग झील के जमने का प्राकृतिक चक्र प्रभावित हो सकता है। ऐसे में भविष्य में इस तरह की दौड़ आयोजित करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि 2027 के बाद मैराथन निश्चित रूप से बंद हो जाएगी। यह नाम पर्यावरण से जुड़ी चिंता और जागरूकता का संदेश देता है।

कितना है रजिस्ट्रेशन का खर्च

अगर आप इस मैराथन में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो बजट की जानकारी पहले ही जुटा लें। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, लद्दाख के बाहर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए सामान्य रेस कैटेगरी का पैकेज ₹99,999 है। इसमें नौ दिनों के दौरान ठहरने, खाने, परिवहन और ऊंचाई के अनुकूल होने की तैयारी से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं।

पैंगोंग आइस अल्ट्रा के लिए अलग पैकेज है, जिसकी सिंगल रजिस्ट्रेशन फीस ₹1,15,000 बताई गई है। स्थानीय निवासियों और लद्दाख में तैनात कुछ पात्र अधिकारियों के लिए अलग शुल्क का प्रावधान है।

रजिस्ट्रेशन, पात्रता और पैकेज में शामिल सुविधाओं की ताजा जानकारी के लिए पैंगोंग फ्रोजन लेक मैराथन की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

मैराथन में हिस्सा लेने के लिए कितनी तैयारी जरूरी है

यह कोई सामान्य मैराथन नहीं है, जिसमें आप कुछ दिनों की प्रैक्टिस करके उतर जाएं। यहां बहुत अधिक ऊंचाई, कम ऑक्सीजन और जमा देने वाली ठंड शरीर के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। आयोजकों की जानकारी के मुताबिक, बाहर से आने वाले प्रतिभागियों को लगभग एक सप्ताह तक ऊंचाई के अनुकूल होने के लिए समय देना होता है। रेस से पहले अभ्यास और मेडिकल जांच भी जरूरी हैं। फुल मैराथन में हिस्सा लेने के लिए कम से कम 18 साल की उम्र और ऊंचाई पर दौड़ने का अनुभव आवश्यक है।

सर्दियों में लद्दाख घूमने वालों के लिए भी खास है यह आयोजन

पैंगोंग फ्रोजन लेक मैराथन का महत्व खेल तक सीमित नहीं है। सर्दियों में लद्दाख आने वाले पर्यटकों की संख्या आमतौर पर गर्मियों के मुकाबले कम रहती है। ऐसे आयोजन स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।

आयोजक स्थानीय होमस्टे को बढ़ावा देने और गांवों में सर्दियों के दौरान पर्यटन गतिविधियां जारी रखने पर जोर देते हैं। इससे स्थानीय परिवारों को आमदनी का एक अतिरिक्त साधन मिल सकता है। साथ ही, यात्रियों को लद्दाख की संस्कृति, खानपान और मेहमाननवाजी को करीब से जानने का मौका मिलता है।

कैसे पहुंचें पैंगोंग झील

पैंगोंग झील तक पहुंचने के लिए आमतौर पर पहले लेह जाना होता है। वहां से सड़क मार्ग के जरिए झील तक पहुंचा जा सकता है। लेकिन फरवरी में बर्फबारी, सड़क बंद होने या खराब मौसम के कारण यात्रा में बदलाव हो सकता है।

इसलिए अपनी यात्रा का कार्यक्रम बनाते समय अतिरिक्त समय रखें। केवल मैराथन की तारीख देखकर टिकट बुक करना पर्याप्त नहीं होगा। आयोजकों से रेस पैकेज, आने-जाने की व्यवस्था और अनुकूलन कार्यक्रम की पुष्टि कर लें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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