Shaktipeeth Yatra In Navratri: नवरात्रि का पर्व देवी शक्ति की आराधना का सबसे खास समय होता है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं और देशभर के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में दर्शन के लिए जाते हैं। अगर आप भी इस नवरात्रि आध्यात्म और यात्रा का अनोखा संगम अनुभव करना चाहते हैं, तो भारत के इन 7 शक्तिपीठों का दर्शन करना आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकता है। आइए जानते हैं देवी मां के शक्तिपीठों का यात्रा विवरण।
नवरात्रि में करें इन शक्तिपीठों का दर्शन
वैष्णो देवी मंदिर
त्रिकुटा पर्वत पर स्थित यह मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां का माहौल और भी भक्तिमय हो जाता है।
कामाख्या मंदिर
नीलगिरी पहाड़ियों पर मौजूद यह शक्तिपीठ तांत्रिक साधना और देवी शक्ति की उपासना के लिए जाना जाता है। नवरात्रि में यहां विशेष पूजा और अनुष्ठान होते हैं, जो इस मंदिर को और भी खास बनाते हैं।
कालिका माता मंदिर
उज्जैन में मौजूद यह प्राचीन मंदिर मां काली को समर्पित है। नवरात्रि के दिनों में यहां भव्य सजावट और विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
ज्वालामुखी मंदिर
यह मंदिर अपनी अनोखी ज्वाला के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में अनवरत जलने वाली ज्वाला बिना किसी ईंधन के जलती रहती हैं। नवरात्रि में यहां दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। इस मंदिर का चमत्कार दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है।
कात्यायनी मंदिर
उत्तर प्रदेश के मथुरा में मौजूद कात्यायनी मंदिर देवी के शक्तिपीठों में शामिल है। यहां माता के बाल गिरे थे। नवरात्रि में इस मंदिर में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है।
कन्याकुमारी मंदिर
इस मंदिर को श्रावणी मंदिर के नाम से जाना जाता है। भारत के दक्षिणी छोर पर स्थित यह मंदिर समुद्र के किनारे बसा है। यहां देवी के दर्शन के साथ सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा भी बेहद खूबसूरत होता है।
हिंगलाज माता मंदिर
यह शक्तिपीठ भारत से बाहर स्थित है, लेकिन हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व है। नवरात्रि के दौरान यहां भी भक्त दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
क्यों करें नवरात्रि में शक्तिपीठ यात्रा?
नवरात्रि के दौरान शक्तिपीठों की यात्रा करना सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मिक अनुभव भी होता है। इस समय मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और उत्सव का माहौल रहता है, जो यात्रा को और यादगार बना देता है।
