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आध्यात्म और यात्रा का संगम, आदियोगी की धरती पर महाशिवरात्रि, ईशा फाउंडेशन ट्रैवल गाइड

Maha shivratri, Isha Foundation: अगर आप इस महाशिवरात्रि को और भी ज्यादा स्पेशल बनाना चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके बेहद काम आ सकता है। इस बार एक गहरे आध्यात्मिक अनुभव के लिए आप ईशा फाउंडेशन की यात्रा करने का प्लान कर सकते हैं। इस बार की यात्रा आपके मन, शरीर और आत्मा को एक नई दिशा देने का काम कर सकती है।

Maha shivratri Isha Yoga Center Coimbatore

आदियोगी की धरती पर महाशिवरात्रि

Isha Foundation Travel Guide: महाशिवरात्रि सिर्फ एक त्योहार नहीं है बल्कि आत्मिक जागरूकता का एक पर्व भी है। 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के मौके पर दुनिया की नजरें कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र पर होंगी, जो वेल्लिंगिरी पहाड़ियों की तलहटी में बसा हुआ है। अगर आप महाशिवरात्रि की खास रात को किसी ऐसी जगह मनाना चाहते हैं, जहां भक्ति, ध्यान और प्रकृति एक साथ मिल जाएं, तो ईशा योग केंद्र से बेहतर विकल्प आपको नहीं मिलेगा। महाशिवरात्रि यहां बेहद ही स्पेशल तरीके से मनाई जाती है जहां लाखों श्रद्धालु और साधक देश-विदेश से पहुंचते हैं।

कहां स्थित है ईशा योग केंद्र

तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर के पास, वेल्लिंगिरी पहाड़ियों की तलहटी में खूबसूरत ईशा योग केंद्र स्थित है। वेल्लिंगिरी पहाड़ियों की तलहटी की भी अपनी दिलचस्प कहानी है। मान्यता है कि भगवान शिव ने यहां लंबे समय तक तपस्या की थी इसी वजह से आध्यात्मिक रूप से यह स्थान बेहद शक्तिशाली है।

महाशिवरात्रि पर क्या होता है खास

महाशिवरात्रि की रात यहां का माहौल भक्ति, संगीत, ध्यान और योग से खिल उठता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर ईशा योग केंद्र स्थित ध्यानलिंग मंदिर और लिंग भैरवी का आवास पूरी रात भक्तों के लिए खुला रहता है। दुनिया भर के साधकों को पूरी रात जागकर भक्ति, ध्यान और सचेत रहने के लिए आमंत्रित किया जाता है। गौर करने वाली बात ये है कि यहां प्रवेश के लिए आपसे किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है। यह निशुल्क सहभागिता साधकों को रूपांतरणकारी ऊर्जा से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है।

कैसे पहुंचें ईशा योग केंद्र

कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसके सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है (जहां से ईशा योग केंद्र करीब 40 किमी दूर है)। अगर आप रेल मार्ग का चयन करते हैं तो जान लें कि कोयंबटूर जंक्शन दक्षिण भारत का प्रमुख रेलवे स्टेशन है जो इसके निकटतम है। कोयंबटूर से टैक्सी या बस के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है।

कहां ठहरें

स्टे को लेकर भी आपको ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। बजट में कोयंबटूर शहर में होटल और गेस्ट हाउस आपको मिल जाएंगे। इसके अलावा महाशिवरात्रि के दौरान ईशा फाउंडेशन की ओर से आवास की विशेष व्यवस्था की जाती है। बता दें कि इस समय यहां भारी भीड़ रहती है। बेहतर होगा कि आप पहले से बुकिंग कर लें।

देखने को बहुत कुछ

यात्रा के दौरान आप 112 फीट ऊंची आदियोगी प्रतिमा के दीदार कर सकते हैं। इसके अलावा ध्यानलिंग मंदिर, लिंग भैरवी देवी मंदिर, आदियोगी दिव्य दर्शनम (लाइट एंड साउंड शो) आपको पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर देगी।

क्यों खास है ईशा में महाशिवरात्रि

ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि मनाना एक जीवन बदल देने वाला अनुभव माना जाता है। सद्गुरु के अनुसार, महाशिवरात्रि की शरीर में ऊर्जा स्वाभाविक रूप से ऊपर की ओर जाती है ऐसे में ध्यान करना बेहद आसान हो जाता है। वेल्लिंगिरी पहाड़ियों का स्थान इसे और भी ज्यादा प्रभावशाली बना देता है।

प्रभात शर्मा
प्रभात शर्मा author

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–... और देखें

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