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Kedarnath कपाट बंद होने की डेट आई सामने, इस तारीख से पहले कर आएं बाबा भोलेनाथ के दर्शन

Kedarnath Temple Uttarakhand: श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद करने की तारीख का ऐलान कर दिया गया है। सर्दियों में भगवान केदारनाथ के दर्शन ऊखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर में भक्त कर सकते हैं। केदारनाथ मंदिर सहित चारों धामों के कपाट अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं।

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Kedarnath Temple Uttarakhand

Kedarnath Dham: उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित पवित्र हिंदू मंदिर केदारनाथ जाने का अगर आप प्लान कर रहे हैं तो जल्द से जल्द यहां जाकर दर्शन कर लें। दरअअसल, केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद होने की तारीख का ऐलान कर दिया गया है ऐसे में अगर आप केदारनाथ की यात्रा को टाल रहे हैं तो आपको तगड़ा झटका लग सकता है।

भाई दूज के दिन बंद होंगे कपाट: बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सर्दियों में मंदिर के कपाट बंद करने की जानकारी देते हुए इस बात की जानकारी दी है। मंदिर के पदाधिकारियों ने बताया कि इस साल तीन नवंबर को सुबह साढ़े आठ बजे भाई दूज के दिन कपाट के द्वार बंद कर दिए जाएंगे।

अप्रैल-मई में फिर खुलेंगे द्वार: मालूम हो कि हर साल केदारनाथ मंदिर सहित चारों धामों के कपाट अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं। कपाट बंद हो जाने के बाद श्रद्धालुओं को अगले साल का इंतजार करना पड़ता है। अगले साल अप्रैल-मई में फिर से कपाट के द्वार खोले जाएंगे। हालांकि, सर्दियों में भगवान केदारनाथ के दर्शन ऊखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर में भक्त कर सकते हैं।

भगवान शिव की होती है पूजा: हिमालय की गोद में समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ में कष्टों को हरने वाले देवों के देव महादेव शिव की पूजा की जाती है। केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मान्यता है कि यह मंदिर लगभग 1000 साल पुराना है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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