Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा भारतीयों के लिए विशेष महत्व रखती है। लंबे समय बाद एक बार फिर से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होने जा रही है ऐसे में इसको लेकर श्रद्धालुओं के मन में तमाम तरीके के सवाल घूम रहे हैं। मालूम हो कि हर साल एक सीमित संख्या में तीर्थयात्रियों को कैलाश मानसरोवर यात्रा की अनुमति दी जाती है। ऐसे में कैलाश बड़ा सवाल ये है कि एक बार में कितने लोग यात्रा कर सकते हैं?
कैलाश मानसरोवर यात्रा बैच में करवाई जाती है। भारत सरकार द्वारा आयोजित यात्रा में सालाना लगभग 1000-1500 तीर्थयात्री शामिल हो सकते हैं जिसमें आमतौर पर 60-100 लोगों का एक बैच होता है। लगभग 21 से 25 दिन तक चलने वाली ये यात्रा मई से सितंबर के बीच होती है।
मालूम हो कि कैलाश मानसरोवर का बड़ा इलाका चीन के हिस्से में आता है। ऐसे में इस यात्रा के लिए चीन की परमिशन लेना अनिवार्य होता है। 2020 में आखिरी बार यात्रा की गई थी। इससे पहले हर साल तकरीबन 50 हजार श्रद्धालु भारत और नेपाल के रास्ते इस धार्मिक यात्रा पर जाते थे।
जरूरी डाक्युमेंट्स की बात करें तो पासपोर्ट, वीजा, एड्रेस प्रुफ, पासपोर्ट साइज फोटो के साथ-साथ आपके पास मेडिलक सेर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। वहीं न्यूनतम उम्र 18 और अधिकतम उम्र 70 साल है। यात्रा से पहले यात्रियों को 3 दिन की ट्रेनिंग दी जाती है। 100 प्रतिशत फिट होने पर ही यात्रा की जा सकती है।
