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Beyond Varanasi: वाराणसी से परे, इस बार दक्षिण भारत में करें काशी की खोज

Beyond Varanasi: काशी सिर्फ एक जगह नहीं है, यह एक एहसास है। शायद ही आपको इस बात की जानकारी हो कि दक्षिण काशी के नाम से फेमस ये जगहें उत्तर में वाराणसी जैसी ही आध्यात्मिक आशा प्रदान करती हैं। ये जगहें इस विश्वास को मूर्त रूप देती हैं कि ईश्वरीयता दिशा या स्थान से बंधी नहीं है। इसलिए अगली बार जब आप दक्षिण भारत की यात्रा की योजना बनाएं तो इन जगहों को एक्सप्लोर जरूर करें।

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Beyond Varanasi

South India Kashis: काशी का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में प्राचीन शहर वाराणसी में नावों से सजे गंगा घाटों की एक तस्वीर उभरकर सामने आती है। वाराणसी, हिंदू धर्म के कालातीत आकर्षण के साथ भारत के सबसे पूजनीय आध्यात्मिक शहरों में से एक है। लेकिन क्या होगा अगर हम आपको बताएं कि दक्षिण भारत में भी काशी है जो समान धार्मिक और आध्यात्मिक इतिहास से ओतप्रोत है। दक्षिण भारत के इन 3 स्थलों पर आप जरूर यात्रा करें।

गोकर्ण, कर्नाटक: गोकर्ण को दक्षिण काशी के रुप में जाना जाता है। यह कम जाना-पहचाना छोटा तटीय शहर श्रद्धेय महाबलेश्वर मंदिर के लिए फेमस है। माना जाता है कि यहीं भगवान शिव आत्मलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। यह मंदिर पूरे भारत से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है।

श्रृंगेरी, कर्नाटक: श्रृंगेरी पश्चिमी घाट में एक और पूजनीय स्थल है जिसे दक्षिण की काशी के रूप में देखा जा सकता है। इस स्थान की स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी और यह उनके द्वारा स्थापित चार मठों (आध्यात्मिक केंद्रों) में से पहला मठ है। श्रृंगेरी ना केवल ज्ञान बल्कि यह वैदिक शिक्षा का भी केंद्र है।

तिरुवन्नामलाई, तमिलनाडु: तमिलनाडु में, तिरुवन्नामलाई को अक्सर दक्षिणी काशी के रूप में जाना जाता है। यह स्थान भव्य अरुणाचलेश्वर मंदिर का घर है। हर साल, हजारों भक्त पवित्र अरुणाचल पहाड़ी के चारों ओर परिक्रमा करते हैं और आत्मा की शुद्धि की तलाश में यहां आते हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्मा author

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–... और देखें

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