गर्मियों की छुट्टियां होते ही लोग वैकेशन प्लान करते हैं। अधिकांश लोग ठंडक की चाहत पर पहाड़ों का रुख करते हैं। खासकर, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत कई राज्यों से लोग पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों की ओर निकलते हैं। लेकिन कई बार खूबसूरत वादियों तक पहुंचने का सफर लंबे ट्रैफिक जाम में बदल जाता है। ऐसे में वेकेशन प्लान तनाव और थकान से भर जाता है। तो चलिए जानते हैं कब आपको ट्रिप प्लान करना चाहिए?
दरअसल, अधिकांश लोग वीकेंड पर हिमालयी राज्यों या अन्य जगहों पर घूमने का प्लान बनाते हैं, जिससे पहाड़ों के दुर्गम रास्तों पर ट्रैफिक का बोझ बढ़ता है और गाड़ियों की लंबी कतारें घंटों के सफर को दिन में बदल देते हैं, जिससे सफर मजे की जगह परेशानी में तब्दील हो जाता है।
ऐसे में अगर आप भी किसी हिल स्टेशन पर ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो सिर्फ होटल बुकिंग और घूमने की जगहों पर ध्यान देना काफी नहीं है। बल्कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का अपडेट और रास्ते पर लगने वाले ट्रैफिक के बारे में जरूर जान लें। कई दफा लोग बिना तैयारी के निकल जाते हैं और फिर पहाड़ी रास्तों में 8-10 घंटे तक जाम में फंस जाते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है।
इन टूरिस्ट स्पॉट पर रहती है भीण
अप्रैल और मई के दिनों में मसूरी, नैनीताल, मनाली, शिमला और ऋषिकेश जैसे टूरिस्ट स्पॉट्स पर भारी भीड़ बढ़ती नजर आती है। वीकेंड और छुट्टियों के दौरान होटल के टैरिफ भी अचानक बढ़ जाते हैं। कई जगहों पर सामान्य दिनों की तुलना में कमरे दोगुने दाम पर मिल रहे हैं। ऐसे में एडवांस बुकिंग करना फायदेमंद साबित हो सकती है। अगर, आप जेब पर बोझ नहीं डालना चाहते हैं तो वीकेंड की जगह आम दिनों में ट्रिप प्लान कर सकते हैं।
ट्रिप पर पानी न फेर दे मौसम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहाड़ों पर अक्सर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसमी गतिविधियां जारी रहती हैं। खासकर, उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और बागेश्वर समेत कई अन्य हिल्स एरिया में बादलों की आवाजाही बढ़ जाती है और बारिश के साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि की गतिविधियां रिकॉर्ड की जाती हैं। कई जगह गर्मी बढ़ने से अवलांच का खतरा बढ़ जाता है, जिससे लोगों को बचने की सलाह दी जाती है। कमोबेश विक्षोभ का असर हिमाचल और कश्मीर की वादियों को प्रभावित करता है, जिससे लैंडस्लाइड और हिमस्खलन का खतरा बना रहता है।
यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ख्याल
खास बात ये है कि टूर को यादगार बनाने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सफर पर निकलने से पहले रूट मैप और वैकल्पिक रूटों को जरूर देख लें। अगर हो सके सुबह जल्दी यात्रा शुरू करें ताकि पीक ट्रैफिक से बचा जा सके। गाड़ी में पानी, जरूरी दवाइयां, ड्राई स्नैक और फ्यूल का पर्याप्त इंतजाम रखें, क्योंकि मैदानी हिस्सों की जगह पहाड़ों पर आसानी ये चीजें मुमकिन नहीं हैं। इसके अलावा Google Maps या स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर लगातार नजर बनाए रखें।
याद रखिए, छुट्टियां सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि पूरा सफर उसका हिस्सा होता है। इसलिए अगर प्लानिंग सही हो तो आपका ट्रिप और टूर दोनों बेहतर हो सकते हैं।
