Char Dham Yatra 2026 Registration Begins: चार धाम यात्रा, जो कि हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक पवित्र तीर्थ यात्रा है, अप्रैल में शुरू होने वाली है। इस यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं। यह यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं द्वारा की जाती है, जो आध्यात्मिक अनुभव के लिए इन पवित्र स्थलों की ओर बढ़ते हैं। इस वर्ष के लिए यात्रा की योजना बना रहे भक्त अब ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं, क्योंकि सरकार ने इसके लिए पंजीकरण खोल दिए हैं।
चार धाम यात्रा में चार प्रमुख तीर्थ स्थल-
- यमुनोत्री: यह यमुना नदी का उद्गम स्थल है और इसे पापों से मुक्ति का स्थान माना जाता है।
- गंगोत्री: यह गंगा नदी का स्रोत है, जिसे हिंदू धर्म में बहुत महत्व दिया जाता है।
- केदारनाथ: यह भगवान शिव को समर्पित है और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
- बद्रीनाथ: यह भगवान विष्णु को समर्पित है और मोक्ष का प्रतीक माना जाता है।
चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
सरकार ने चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। श्रद्धालु निम्नलिखित चरणों का पालन करके पंजीकरण कर सकते हैं-
1. आधिकारिक चार धाम यात्रा पोर्टल पर जाएं या मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
2. अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके एक खाता बनाएं।
3. अपने व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, पहचान पत्र और यात्रा की तिथियाँ दर्ज करें।
4. उन मंदिरों का चयन करें, जिनका आप दौरा करना चाहते हैं।
5. फॉर्म सबमिट करें और पंजीकरण पुष्टि डाउनलोड करें।
ध्यान दें- यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पंजीकरण पर्ची और एक वैध पहचान पत्र अपने साथ ले जाना आवश्यक है।
ऑफलाइन चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
सरकार यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले, यानी 17 अप्रैल को ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। रजिस्ट्रेशन काउंटर निम्नलिखित स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे-
- ऋषिकेश
- हरिद्वार
- देहरादून
चार धाम के कपाट कब खुलेंगे?
चार धाम मंदिर विभिन्न तिथियों पर खुलेंगे, जो कि पारंपरिक अनुसूची का हिस्सा है:
- गंगोत्री मंदिर: 19 अप्रैल
- यमुनोत्री मंदिर: 19 अप्रैल
- केदारनाथ मंदिर: 22 अप्रैल
- बद्रीनाथ मंदिर: 23 अप्रैल
चार धाम यात्रा की तैयार-
चार धाम यात्रा की तैयारी के लिए श्रद्धालुओं को पहले से योजना बनानी चाहिए। यात्रा के लिए उचित तैयारी, जैसे कि परिवहन, आवास और पंजीकरण, आवश्यक हैं। पिछले वर्षों में, यात्रा की मांग में काफी वृद्धि हुई है, जिससे कई यात्रा कंपनियाँ संगठित यात्रा योजनाएँ पेश कर रही हैं। यह श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर अनुभव प्रदान करता है।
