ब्रज में कौन सी होली कब खेली जाएगी? नोट करें रंगों और भक्ति के उत्सव का पूरा शेड्यूल
- Authored by: गुलशन कुमार
- Updated Feb 18, 2026, 01:44 PM IST
भारत में होली का उत्सव कई जगहों पर धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन ब्रज क्षेत्र मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव की होली का अनुभव दुनिया में सबसे अनोखा माना जाता है। आज हम आपको ब्रज की होली के मुख्य उत्सवों के बारे में बताने जा रहे हैं।
मथुरा-वृंदावन का होली उत्सव 2026
Braj Holi 2026 Travel Guide: होली का त्योहार देशभर में बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। लेकिन ब्रज यानी मथुरा-वृंदावन में होली सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि लगभग 40 दिनों तक चलने वाला सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। यहां होली का उत्सव बसंत पंचमी से शुरु होकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा तक चलता है। इन 40 दिनों में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीकों से होली खेली जाती है। इसमें हर आयोजन की अपनी एक खास परंपरा होती है। आइए जानते हैं मथुरा-वृंदावन की होली के बारे में विस्तार से...
लड्डू मार होली
होली के मुख्य आयोजनों की शुरुआत नंदगांव और बरसाना में लड्डू मार होली से होती है। इस दौरान मंदिरों में लोग एक दूसरे को लड्डू मारते हुए जश्न मनाते हैं। इस बार 25 फरवरी को बरसाना के राधारानी मंदिर में लड्डू होली का आयोजन होगा।
लठमार होली
बरसाना की लठमार होली देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। इस होली का आयोजन इस साल 26 फरवरी को किया जाएगा। इस उत्सव के दौरान बरसाने की गोपियां नंदगांव के हुरियारों को हल्के-फुल्के अंदाज में लाठियों से मारती हैं। यह परंपरा भगवान कृष्ण और राधा रानी की लीलाओं से जुड़ी मानी जाती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
वृंदावन में फूलों की होली
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में खेली जाने वाली फूलों की होली ब्रज के होली उत्सव का सबसे कोमल और आकर्षक रूप है। इस दिन भक्त एक दूसरे पर रंग-गुलाल की जगह फूल की पंखुड़ियां बरसाते हैं। इस होली की कोमलता के कारण इसमें बहुत से विदेशी भी शामिल होने आते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस बार फूलों की होली 1 मार्च को खेली जाएगी।
हुरंगा उत्सव
होली से अगले दिन बलदेव में स्थित दाऊजी मंदिर में हुरंगा उत्सव मनाया जाता है। जिसमें महिलाएं पुरुषों के कपड़े फाड़ने की परंपरा को निभाती हैं। हुरंगा होली ब्रज के होली उत्सव का एक खास हिस्सा है। इस तरह हुरंगा उत्सव के साथ ब्रज में 40 दिन का होली उत्सव समाप्त हो जाता है।
कैसे पहुंचें?
होली के इन सभी अलग-अलग रंगों में शामिल होने के लिए आप सबसे पहले मथुरा पहुंचें। जहां से आप बस या टैक्सी द्वारा आसानी से नियत जगह पर पहुंच सकते हैं। सही तारीखों के अनुसार ट्रैवल की योजना बनाकर आप लड्डू होली, लठमार होली और फूलों की होली जैसे अलग-अलग आयोजनों का आनंद एक ही ट्रिप में ले सकते हैं।
