यात्रा

Bihar Diwas: बुद्ध की तपोभूमि से नालंदा तक, बिहार का शानदार सफर

Bihar Day: बिहार ट्रिप पर जाने का आप प्लान कर सकते हैं। बोधगया के शांत वातावरण से (जहां बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था) दुनिया के सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय नालंदा के खंडहरों तक, बिहार में वो सबकुछ है जो आपको मंत्रमुग्ध कर सकता है। परिवार के साथ या फिर सोलो ट्रिप पर भी आप इस प्रदेश की यात्रा करने का प्लान कर सकते हैं। यात्रा के दौरान कहां जाएं क्या देखें उसके बारे में यहां डिटेल में बताया गया है।

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बिहार का शानदार सफर

Bihar Tourist Places: इस बार कुछ अलग हटकर आप बिहार घूमने का प्लान कर सकते हैं। बौद्ध धर्म की जन्मभूमि, शिक्षा का केंद्र और खुशनुमा माहौल बिहार टूरिज्म की पहचान है। अगर आपके पास 5-6 दिन का टाइम है तो आप दिल खोलकर बिहार घूम सकते हैं। यहां देखने को और करने को तमाम चीजे हैं जो आपको जीवनभर याद रहेगा। यहां एक से बढ़कर एक खूबसूरत जगहें हैं जिन्हें देखना आपको मंत्रमुग्ध कर सकता है। इंस्टाग्राम या सिर्फ फोटो खींचने के लिए ट्रैवल कर रहे हैं तो फिर भी ये यात्रा आपके लिए बेहद खास होगी। ऐसे में देर मत करें बैग पैक करें और निकल पड़ें बिहार की अद्भुत यात्रा पर। यहां डिटेल में जानें कि आप अपने 4-5 दिन बिहार में कैसे बिता सकते हैं।

यात्रा की शुरुआत पटना से करें जो एक ऐसा शहर है जो दो युगों के बीच संतुलन बनाता है। आधुनिक कैफे प्राचीन मंदिरों के साथ खड़े हैं, जबकि तिपहिया वाहन उपनिवेश काल की इमारतों के पास से गुजरते हैं। पटना, जिसे पहले पाटलिपुत्र कहा जाता था, मौर्य और गुप्त साम्राज्यों की राजधानी थी। पहली सुबह पटना संग्रहालय में बिताएं जहां 3वीं सदी ईसा पूर्व की "डिडारगंज यक्षी" का अद्भुत नजारा देखने को मिल जाएगा। इसके बाद गोलघर का दौरा करें जहां से गंगा का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है।

दूसरे दिन बोधगया जाएं जहां राजकुमार सिद्धार्थ ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था आपको अत्यंत विनम्रता का अनुभव कराएगा। महाबोधि मंदिर, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, शांति का प्रतीक है। यहां आप विभिन्न देशों के तीर्थयात्रियों के साथ ध्यान कर सकते हैं।

तीसरे दिन बोधगया से राजगीर की यात्रा दो घंटे की होती है। राजगीर, प्राचीन मगध साम्राज्य की राजधानी, अपने गर्म झरनों के लिए प्रसिद्ध है। राजगीर रोपवे से ऊंचाई पर जाकर विश्व शांति स्तूप का दौरा किया।

चौथे दिन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर, जो 14 हेक्टेयर में फैले हैं, एक बार दुनिया के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान थे। यहां प्राचीन शिक्षा के माहौल को महसूस कर सकते हैं नालंदा पुरातत्व संग्रहालय में अद्भुत कलाकृतियों के दीदार करना ना भूलें।

बिहार केवल एक यात्रा का स्थान नहीं है, बल्कि एक ऐसी जगह है जो आपके भीतर जीवित रहती है। बिहार यह सीखाता है कि इतिहास केवल संग्रहालयों में नहीं होता, बल्कि यह लोगों, प्रार्थनाओं और भुलाए गए रास्तों की धूल में भी जीवित है।

prabhat sharma
प्रभात शर्मा author

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–... और देखें

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