मल्लिकार्जन खड़गे

मल्लिकार्जन खड़गे कांग्रेस के अब नए अध्यक्ष होंगे। इस पद के लिए बुधवार को आए चुनाव नतीजे में उन्होंने शशि थरूर को हराया। चुनाव में खड़गे को 7897 वोट और शशि थरूर को 1072 वोट मिले। शशि थरूर ने अपने ट्वीट में कहा कि खड़गे का अध्यक्ष बनना सम्मान की बात है। इस चुनाव में कल 9385 वोट पड़े जबकि 416 वोट अमान्य घोषित हुए। खड़गे की जीत की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। साल 2000 के कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में सोनिया गांधी को 7448 और जितेंद्र प्रसाद को 94 वोट मिले थे।
21 जुलाई, 1942 को बीदर में जन्मे खड़गे 1969 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। एक वकील के रूप में श्रम कानूनों में महारत रखने वाले खड़गे 1969 में 27 साल की उम्र में कलबुर्गी टाउन कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने। तब से, वह कर्नाटक की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ रहे हैं। साथ ही राज्य में कांग्रेस के प्रमुख दलित चेहरा भी। 1969 में जब कांग्रेस का विभाजन हुआ तो खड़गे इंदिरा गुट के साथ रहे। खड़गे की गिनती कांग्रेस आलाकमान के वफादार नेताओं में होती है।

खड़गे के रूप में कांग्रेस को 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर का अध्यक्ष मिला है। अध्यक्ष पद के चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे का पलड़ा पहले से भारी था। उनका चुनाव जीतना एक तरह से तय था। खड़गे ऐसे दूसरे दलित नेता हैं जो कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले दलित समुदाय से आने वाले बाबू जगजीवन राम कांग्रेस अध्यक्ष बने थे। खड़गे दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक से आते हैं। वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने कांग्रेस में कई सांगठनिक पदों पर कार्य किया है।