Vande Mataram Row: राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' पर नया सियासी संग्राम छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों एक दूसरे पर हमलावर हैं और तीखे हमले कर रहे हैं। ताजा विवाद कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के उस प्रस्ताव से जुड़ा है जिसे उसने बीते बुधवार को अपनी बैठक में पारित किया। इस प्रस्ताव में कांग्रेस ने कहा कि वह अपने कार्यक्रमों में पूरा राष्ट्रगीत नहीं बल्कि इसका शुरुआती दो पद ही गाएगी। ताजा विवाद यहीं से शुरू हुआ। इस प्रस्ताव पर कांग्रेस को घेरते हुए भाजपा ने कहा कि कांग्रेस मुस्लिम लीग पार्टी बन गई है जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत उसके लिए भावनात्मक और भाजपा के लिए राजनीतिक मुद्दा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा नेताओं से कहा कि वे उन्हें 'वंदे मातरम' न सिखाएं। बहरहाल, 'वंदे मातरम' गाए जाने को लेकर राजनीति पूरी तरह गरमाई हुई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है। सवाल है कि कांग्रेस ने राष्ट्रगीत का दो पद ही गाने का फैसला क्यों किया है, इसके पीछे उसका क्या तर्क है।
...तो गांधी, नेहरू-पटेल पर दर्ज हो केस-खरगे
राष्ट्रगीत का शुरुआती दो पद गाए जाने वाले अपने फैसले के बचाव में कांग्रेस ने 1937 के CWC के प्रस्ताव का हवाला दिया है। कांग्रेस का कहना है कि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर सहित स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं ने राष्ट्रगीत का शुरुआती दो पद ही गाए जाने का समर्थन किया था। इन नेताओं का मानना था कि बाकी के पद धार्मिक स्तुति हैं, जिन्हें गाए जाने पर विवाद हो सकता है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि पार्टी 90 साल पुरानी अपनी परंपरा का पालन कर रही है। उन्होंने कहा, 'मैं वहीं वंदे मातरम गाता हूं जिसे महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने गाया...यदि यह अपराध है तब गांधी जी, नेहरू जी और वल्लभभाई पटेल के खिलाफ केस दर्ज कीजिए।' उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत को अपनाते हुए कांग्रेस ने बहुत पहले प्रस्ताव पारित किया था, उस समय आज के कांग्रेसी नेताओं का जन्म भी नहीं हुआ था। खरगे ने कहा कि राष्ट्रीय मानक केवल इसलिए नहीं बदले जाने चाहिए क्योंकि एक नई सरकार सत्ता में आ गई है।
Mallikarjun Kharge
राष्ट्रगीत का अपमान करने पर सजा का प्रावधान
दरअसल, केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत का अपमान करने पर सजा का प्रावधान वाले एक संशोधन विधेयक संसद के मानसून सत्र में पारित किया है। यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगीत का अपमान करता है अथवा इसे गाए जाने से रोकता है, तो उसे अपराध माना जाएगा। 'वंदे मातरम' के इतिहास की अगर बात करें तो बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने इस गीत को 1875 में लिखा और बाद में 1882 में इसे अपने उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल किया। इसे सबसे पहले 1896 में कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया थ। इसे 24 जनवरी 1950 को भारत के संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया।
वंदे मातरम का मूल पाठ
वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलां मातरम्।
वन्दे मातरम्॥
शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदां वरदां मातरम्।
वन्दे मातरम्॥
कोटि-कोटि कण्ठ कलकल निनाद कराले,
कोटि-कोटि भुजैर्धृत खरकरवाले।
अबला केन मा एत बले,
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं,
रिपुदलवारिणीं मातरम्।
वन्दे मातरम्॥
तुमि विद्या, तुमि धर्म,
तुमि हृदि, तुमि मर्म,
त्वं हि प्राणाः शरीरे।
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारई प्रतिमा गढ़ि मन्दिरे-मन्दिरे।
वन्दे मातरम्॥
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्।
नमामि कमलाम्, अमलाम्, अतुलाम्,
सुजलां सुफलां मातरम्।
वन्दे मातरम्॥
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां,
धरणीं भरणीं मातरम्।
वन्दे मातरम्॥
बीजेपी किस बात पर आपत्ति जता रही है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1937 के उस फैसले की बार-बार आलोचना की है। संसद में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई विशेष चर्चा के दौरान मोदी ने मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने गीत को 'विभाजित' करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस विवाद को स्वतंत्रता से पहले सांप्रदायिक सद्भाव के मुद्दे पर कांग्रेस के व्यापक राजनीतिक रुख से भी जोड़ा। शनिवार को बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के पूर्ण गायन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर 'गहरी असहजता' दिखाने का आरोप लगाया और मांग की कि कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। एएनआई के अनुसार, ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रगीत का अपमान किया है। उन्होंने कहा, 'आज कांग्रेस नेतृत्व ने एक बार फिर वंदे मातरम के पूर्ण गायन को लेकर अपनी गहरी असहजता प्रदर्शित की है। यह केवल प्रोटोकॉल का मामला नहीं है; यह राष्ट्र के सम्मान का प्रश्न है।'
'वंदे मातरम' शब्द को ब्रिटिश सरकार ने राजद्रोही माना था
इसलिए अब यह विवाद केवल इस बात तक सीमित नहीं रह गया है कि इस गीत को किस तरह गाया जाना चाहिए। यह इस बात को लेकर भी राजनीतिक संघर्ष बन गया है कि देशभक्ति, राष्ट्रवाद और भारत के स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को परिभाषित करने का अधिकार किसे है। वंदे मातरम को रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 में संगीतबद्ध किया था। इस गीत और 'वंदे मातरम' शब्द को ब्रिटिश सरकार ने राजद्रोही माना था और उसे दबाने के लिए हिंसा एवं धमकी का सहारा लिया जाता था। अप्रैल 1906 में बरिसाल में आयोजित बंगाल प्रांतीय सम्मेलन के एक प्रसिद्ध अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता श्री ए. रसूल कर रहे थे, पुलिस ने प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों पर बर्बर लाठीचार्ज किया। उनके द्वारा पहने गए 'वंदे मातरम' लिखे बैजों को भी जबरन फाड़ दिया गया।
ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ राष्ट्रीय प्रतिरोध का प्रतीक
कुछ प्रतिनिधियों को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि 'वंदे मातरम' का नारा लगाते-लगाते वे बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद के लगभग तीस वर्षों में देशभर में 'वंदे मातरम' से अनगिनत बलिदान जुड़ गए। पुरुषों और महिलाओं ने अपने होंठों पर यही नारा लिए मौत का सामना करने से भी परहेज नहीं किया। इस प्रकार यह गीत और 'वंदे मातरम' के शब्द बंगाल में विशेष रूप से और सामान्य रूप से भारत के अन्य हिस्सों में भी ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ राष्ट्रीय प्रतिरोध के प्रतीक बन गए।
nitin nabin
'कांग्रेस आज की नई मुस्लिम लीग बन गई है’
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस द्वारा अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए जाने के फैसले को लेकर बृहस्पतिवार को विपक्षी दल पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस वोट के लिए 'नई मुस्लिम लीग’ बन गई है। नवीन ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स’ पर कहा कि भारत माता’ की इस वंदना का अपमान उन हजारों लोगों का तिरस्कार है जिन्होंने इस गीत को अपनी चेतना में रखकर राष्ट्र के लिए बलिदान दिया था। कांग्रेस ने बुधवार को कहा था कि वह 'वंदे मातरम्’ को लेकर 1937 में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और उस समय के अन्य प्रमुख नेताओं द्वारा किए गए फैसले का पूरी तरह पालन करेगी तथा इसी के अनुरूप पार्टी कार्यकर्ता राष्ट्रगीत के सिर्फ दो अंतरे ही गाएंगे। नवीन ने कांग्रेस के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'कांग्रेस ने अब अपने अपमान (वंदे मातरम् के प्रति) को एक प्रस्ताव की शक्ल दे दी है। उसकी कार्यसमिति ने तय किया है कि कांग्रेस के मंचों पर 'वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस आज की नयी मुस्लिम लीग बन गई है।’
