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क्या 25-26 के बाद बंद हो जाएगी Vodafone Idea कंपनी? सरकार से समर्थन की गुहार

Vodafone Idea: वीआईएल में सबसे अधिक 49 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार के पास है। स्पेक्ट्रम शुल्क और एजीआर बकाया को इक्विटी हिस्सेदारी में बदले जाने से सरकार इस कंपनी में सबसे बड़ी शेयरधारक बन चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को वोडाफोन आइडिया की एक नई याचिका की सुनवाई करने पर सहमति जताई जिसमें लगभग 30,000 करोड़ रुपये के एजीआर बकाया को माफ करने की मांग की गई है।

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Vodafone Idea

Vodafone Idea: आर्थिक संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया ने दूरसंचार विभाग से कहा है कि समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया पर सरकार से समय पर समर्थन न मिलने की स्थिति में वह वित्त वर्ष 2025-26 से आगे परिचालन नहीं कर पाएगी।

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) ने 17 अप्रैल, 2025 को दूरसंचार विभाग को भेजे एक पत्र में खुद को नयी जीवन रेखा देने का अनुरोध करते हुए कहा, "कोई समर्थन नहीं मिलने पर उसकी वापसी असंभव हो जाएगी।" वीआईएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अक्षय मूंदड़ा ने दूरसंचार सचिव को लिखे पत्र में कहा, "एजीआर पर भारत सरकार का समय पर समर्थन मिले बगैर वीआईएल वित्त वर्ष 2025-26 से आगे परिचालन नहीं कर पाएगी क्योंकि बैंक से वित्तपोषण की चर्चाएं आगे नहीं बढ़ पाएंगी।"

वीआईएल में सबसे अधिक 49 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार के पास है। स्पेक्ट्रम शुल्क और एजीआर बकाया को इक्विटी हिस्सेदारी में बदले जाने से सरकार इस कंपनी में सबसे बड़ी शेयरधारक बन चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को वोडाफोन आइडिया की एक नई याचिका की सुनवाई करने पर सहमति जताई जिसमें लगभग 30,000 करोड़ रुपये के एजीआर बकाया को माफ करने की मांग की गई है।

मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ से वीआईएल के वकील मुकुल रोहतगी ने आग्रह किया था कि याचिका पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है। पीठ इस याचिका पर 19 मई को सुनवाई कर सकती है। वोडाफोन आइडिया ने पत्र में दूरसंचार विभाग को आगाह किया है कि बैंकों से ऋण न मिलने की स्थिति में वह निवेश की योजना पर आगे नहीं बढ़ पाएगी।

वीआईएल ने कहा, "ऐसा होने पर परिचालन प्रदर्शन में सुधार रुक जाएगा। इसके साथ कंपनी द्वारा जुटाए गए कोष का जल्द ही उपयोग होगा और पूरा पूंजीगत व्यय चक्र थम जाएगा। ऐसी स्थिति में, पिछले 12 महीनों में जुटाए गए समूचे कोष और कंपनी द्वारा अब तक किए गए निवेश के साथ सरकारी हिस्सेदारी का मूल्य भी घट जाएगा।"

वोडा आइडिया ने कहा कि अगर सरकारी सहायता नहीं मिलती है और कंपनी एजीआर बकाया नहीं चुका पाती है तो फिर कंपनी को एनसीएलटी में जाना होगा जो एक लंबी प्रक्रिया होगी। दूरसंचार कंपनी ने कहा कि ऐसी स्थिति में नेटवर्क के साथ स्पेक्ट्रम परिसंपत्तियों का मूल्य भी कम हो जाएगा क्योंकि दूरसंचार सेवा थोड़े समय के लिए बाधित हो सकती है। वीआईएल ने कहा कि ऐसा होने पर उसके लगभग 20 करोड़ उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे और उन्हें दूसरे सेवा प्रदाताओं की सेवाएं लेनी होंगी।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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