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कौन हैं संतोष जनार्दन? जिन पर जुकरबर्ग ने Meta के भविष्य की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी

Meta Compute की घोषणा के बाद संतोष जनार्दन की भूमिका और भी अहम हो गई है। मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक, संतोष आगे भी Meta की टेक्निकल आर्किटेक्चर, सॉफ्टवेयर स्टैक, सिलिकॉन डेवलपमेंट, डेवलपर टूल्स और ग्लोबल डेटा सेंटर नेटवर्क के निर्माण व संचालन का नेतृत्व करेंगे।

Who Is Santosh Janardhan That lead Meta Compute

Who Is Santosh Janardhan That lead Meta Compute/Photo-Meta

Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने हाल ही में फेसबुक पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कंपनी की नई टॉप-लेवल पहल Meta Compute की घोषणा की। इस पहल के तहत Meta आने वाले वर्षों में दसियों गीगावॉट कंप्यूटिंग पावर, सरकारों के साथ साझेदारी और अब तक के सबसे बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की योजना बना रहा है, लेकिन इस पोस्ट में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात एक नाम रहा संतोष जनार्दन (Santosh Janardhan) का। जुकरबर्ग ने साफ लिखा कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की अगुवाई संतोष जनार्दन और डैनियल ग्रॉस करेंगे। इसके बाद एक ही सवाल तेजी से उठा आखिर कौन हैं संतोष जनार्दन, जिन पर Meta ने अपने भविष्य का इतना बड़ा दांव लगाया है?

Meta में क्या करते हैं संतोष जनार्दन?

संतोष जनार्दन Meta में Head of Global Infrastructure हैं। आसान शब्दों में कहें तो Facebook, Instagram, WhatsApp और Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स को 24x7 चलाए रखने की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। उनकी टीम जिन चीजों को संभालती है उनमें Meta का हार्डवेयर, ग्लोबल नेटवर्क, कोर सॉफ्टवेयर सिस्टम, दुनिया भर में फैले डेटा सेंटर्स आदि शामिल हैं। Meta पर होने वाला हर पोस्ट, मैसेज, कॉल या वीडियो इन्हीं सिस्टम्स के जरिए गुजरता है।

Meta Compute के बाद और बढ़ी जिम्मेदारी

Meta Compute की घोषणा के बाद संतोष जनार्दन की भूमिका और भी अहम हो गई है। मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक, संतोष आगे भी Meta की टेक्निकल आर्किटेक्चर, सॉफ्टवेयर स्टैक, सिलिकॉन डेवलपमेंट, डेवलपर टूल्स और ग्लोबल डेटा सेंटर नेटवर्क के निर्माण व संचालन का नेतृत्व करेंगे।

Meta का लक्ष्य अगले दशक में बेहद बड़े स्तर का कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना है, जो भविष्य के प्रोडक्ट्स और AI टूल्स की नींव बनेगा। यह सुनिश्चित करना कि यह सिस्टम मजबूत हो, सुरक्षित हो और अरबों यूज़र्स का लोड संभाल सके, यह जिम्मेदारी संतोष जनार्दन पर ही है।

संतोष जनार्दन का अनुभव और प्रोफेशनल सफर

Meta से पहले संतोष जनार्दन ने उन कंपनियों में काम किया, जहां बड़े पैमाने पर सिस्टम चलाना बेहद अहम होता है। उन्होंने PayPal, Google और YouTube में डेटाबेस और स्टोरेज टीम्स का नेतृत्व किया। ये ऐसे प्लेटफॉर्म हैं, जहां रोज़ाना भारी मात्रा में डेटा प्रोसेस होता है और छोटी सी तकनीकी दिक्कत भी ग्लोबल असर डाल सकती है।

LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, संतोष जनार्दन पिछले करीब 16 साल से Meta (पहले Facebook) से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2009 में कंपनी जॉइन की थी और धीरे-धीरे प्रोडक्शन इंजीनियरिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर सॉफ्टवेयर टीम्स को खड़ा किया, जो आज Meta की कोर सर्विसेज को सपोर्ट करती हैं।

शिक्षा: भारत से अमेरिका तक का सफर

संतोष जनार्दन की शुरुआती पढ़ाई भारत में हुई। उन्होंने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित The Wharton School (University of Pennsylvania) से MBA किया। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट का अनोखा मेल ही उन्हें Meta की लॉन्ग-टर्म इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है।

क्यों अहम है संतोष जनार्दन की भूमिका?

Meta अब सिर्फ सोशल मीडिया कंपनी नहीं रह गई है। AI, वर्चुअल रियलिटी और बड़े कंप्यूटिंग सिस्टम्स में निवेश के साथ, कंपनी का भविष्य पूरी तरह मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर टिका है। ऐसे में संतोष जनार्दन वह नाम हैं, जिन पर मार्क जुकरबर्ग ने Meta के अगले दशक की बुनियाद रखने का भरोसा जताया है।

Pradeep Pandey
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प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

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