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जरूरत के हिसाब से तय होगी UPI लिमिट, RBI ने लिया ये बड़ा फैसला

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से पर्सन-टू-मर्चेंट लेनदेन की सीमा निर्धारित करने का कार्य भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा किया जाएगा, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने बुधवार को यह जानकारी दी। अब NPCI जरूरतों के आधार पर सीमाएं निर्धारित करेगा। उन्होंने आगे कहा कि उच्च सीमा से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।

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जरूरत के हिसाब से तय होगी UPI लिमिट, RBI ने लिया ये बड़ा फैसला

Photo : iStock

UPI Payment: डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से पर्सन-टू-मर्चेंट लेनदेन की सीमा निर्धारित करने का कार्य भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा किया जाएगा, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को यह जानकारी दी। मौजूदा समय में यूपीआई सिस्टम के तहत पर्सन-टू-पर्सन और पर्सन-टू-मर्चेंट भुगतान की सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि, कुछ विशेष मामलों में पर्सन-टू-मर्चेंट के तहत यह सीमा दो लाख रुपये और पांच लाख रुपये है।

जरूरत के हिसाब से UPI लिमिट

मल्होत्रा ने 54वीं मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद कहा कि यूपीआई इकोसिस्टम को कुशल बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अब NPCI जरूरतों के आधार पर सीमाएं निर्धारित करेगा। उन्होंने आगे कहा कि उच्च सीमा से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए उचित सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। बैंकों को NPCI द्वारा घोषित सीमाओं के भीतर अपनी आंतरिक सीमा तय करने का अधिकार जारी रहेगा।

ये सीमा नहीं बदलेगी

केंद्रीय बैंक ने कहा, "यूपीआई पर पी2पी लेनदेन की सीमा पहले की तरह 1 लाख रुपये ही रहेगी।" आरबीआई प्रमुख ने मौद्रिक नीति की घोषणा के दौरान कहा कि पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर बैंकों और अन्य पक्षधारकों से बातचीत करने के बाद ही निर्णय लेंगे। यूपीआई लेनदेन मार्च में मासिक आधार पर 13.59 प्रतिशत बढ़कर 18.3 अरब पर पहुंच गए हैं। फरवरी में यह आंकड़ा 16.11 अरब पर था।

मार्च में हुए इतने लेनदेन

NPCI के डेटा के मुताबिक, यूपीआई के जरिए मार्च में 24.77 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए थे। यह फरवरी में हुए 21.96 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के मुकाबले 12.79 प्रतिशत अधिक है। दैनिक आधार पर यूपीआई नेटवर्क से औसत 590 मिलियन से अधिक लेनदेन हो रहे हैं। इनकी वैल्यू करीब 79,910 करोड़ रुपये है। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की दूसरी छमाही यूपीआई ट्रांजैक्शन में सालाना आधार पर 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर कुल 93.23 अरब लेनदेन तक पहुंच गई है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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