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Twitter Logo: उड़ गई ट्विटर की चिड़िया, मस्क ने लगाई कुत्ते की फोटो

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 4, 2023, 07:35 AM IST

Twitter logo changed with Dog: ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने ट्विटर का लोगो बदल दिया है। उन्होंने नीली चिड़िया की जगह एक कुत्ते की तस्वीर लगाई है। ट्विटर वेब यूज करने वाले यूजर्स को यह नया लोगो दिखाई दे रहा है। हालांकि, मोबाइल एप में अभी पुराना लोगो यानी नीली चिड़िया ही दिख रही है।

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एलन मस्क ने बदला ट्विटर का लोगो

Photo : iStock

Twitter Logo: दुनिया के दिग्गज करोबारियों में शुमार एलन मस्क ने जब से ट्विटर का अधिग्रहण किया है, इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई बदलाव देखने को मिले हैं। फिर चाहें वह ब्लू टिक के लिए पेड सब्सक्रिप्शन हो, कर्मचारियों की छंटनी हो या फिर नीतियों में बदलाव। एलन मस्क हर दिन इस माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर बदलाव कर रहे हैं।

अब मस्क ने ट्विटर के लोगो को ही बदल दिया है। उन्होंने ट्विटर के लोगो में बदलाव कर एक कुत्ते की तस्वीर लगा दी है। ट्विटर लॉग इन करते ही लोगों को नीली चिड़िया की जगह कुत्ते की तस्वीर दिखाई दे रही है। मस्क ने ऐसा क्यों कि इस बारे में उन्होंने कोई ठोस जानकारी नहीं दी है।

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एलन मस्क ने किया ट्वीट

लोगो बदलते ही किया ट्वीट

एलन मस्क ने ट्विटर का लोगो बदलते ही एक ट्वीट किया है। इसमें एक कुत्ता कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ दिख रहा है। इसी तस्वीर में एक पुलिसवाला भी दिख रहा है, जिसके हाथ में लाइसेंस है। इस लाइसेंस पर नीली चिड़िया की फोटो है। वहीं कुत्ता कर हा है कि यह उसकी पुरानी फोटो है। मस्क के इस ट्वीट से एक बात को साफ है कि उन्होंने ट्विटर के इस लोगो को जानबूझकर बदला है।

वेब पेज पर दिख रहा नया ट्वीट

एलन मस्क ने ट्विटर लोगो को लेकर जो बदलाव किया है, वह सिर्फ वेब पेज पर दिख रहा है। मोबाइल एप यूर्जस को अभी भी पुराना लोगो यानी नीली चड़िया दिखाई दे रही है।
Elon Musk Tweet

Elon Musk Tweet

पुरानी बातचीत का स्क्रीन शॉट किया शेयर

एलन मस्क ने एक पुरानी चैट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। इसमें मस्क किसी ट्विटर अकाउंट यूजर से बातचीत कर रहे हैं। इसमें मस्क से ट्विटर लोगो को बदलकर उसकी जगह एक कुत्ते की तस्वीर लगाने को कहा जा रहा था। मस्क ने इस बातचीत का स्क्रीन शॉट साझा करते हुए दिखा है- जैसा वादा किया था।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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