टेक एंड गैजेट्स

TikTok की कंपनी ने लॉन्च किया AI फोन, अपने आप बुक कर देता है ट्रेन का टिकट

Nubia M153 नाम के इस फोन में Doubao नाम का AI एजेंट लगा था, जो खुद स्क्रीन देख सकता था, ऐप खोल सकता था, बटन टैप कर सकता था, मैसेज टाइप कर सकता था और यहां तक कि टिकट भी बुक कर सकता था वो भी बिना यूजर के कुछ किए। ये फीचर भविष्य जैसा लगा, लेकिन फिर शुरू हुआ है प्राइवेसी का डर।

Tiktok maker launched a fully agentic AI phone

Tiktok maker launched a fully agentic AI phone/photo-x/TaylorOgan

अब स्मार्टफोन सिर्फ कॉल, मैसेज या नेट चलाने के लिए नहीं, बल्कि खुद सब काम करने के लिए तैयार हो रहा है। चीन में TikTok की पैरेंट कंपनी ByteDance ने हाल ही में एक ऐसा AI स्मार्टफोन पेश किया है, जिसकी क्षमताएं सुनकर लोग हैरान रह गए।

Nubia M153 नाम के इस फोन में Doubao नाम का AI एजेंट लगा था, जो खुद स्क्रीन देख सकता था, ऐप खोल सकता था, बटन टैप कर सकता था, मैसेज टाइप कर सकता था और यहां तक कि टिकट भी बुक कर सकता था वो भी बिना यूजर के कुछ किए। ये फीचर भविष्य जैसा लगा, लेकिन फिर शुरू हुआ है प्राइवेसी का डर।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ डेमो और शुरू हुई चिंता

Taylor Ogan द्वारा शेयर किए गए वीडियो के वायरल होते ही प्राइवेसी को लेकर सवाल उठने लगे। लोगों को डर था कि अगर फोन सब खुद कर सकता है, तो वह स्क्रीन पर मौजूद मैसेज, पासवर्ड, पेमेंट डिटेल्स और निजी चैट भी पढ़ सकता है। इसी चिंता के बाद ByteDance ने तुरंत इस AI फीचर को सीमित कर दिया और इसे और सुरक्षित बनाने पर काम शुरू किया।

कैसे काम करता था ये AI फोन?

यह फोन ZTE के Nubia ब्रांड के साथ मिलकर तैयार किया गया था और एंड्रॉयड के एक कस्टम वर्जन पर चलता था। Doubao AI चैटबॉट की तरह सिर्फ जवाब नहीं देता था, बल्कि इंसान की तरह स्क्रीन देखकर कदम-दर-कदम काम पूरा करता था।

उदाहरण के लिए, अगर यूजर कहता: “मेरे लिए ट्रेन टिकट बुक करो।” तो AI खुद ऐप खोलता, स्क्रॉल करता, फॉर्म भरता और टिकट बुक कर देता, बिना और निर्देश दिए। यही वजह थी कि इसे “फुल-स्टैक AI सिस्टम” कहा जा रहा था।

प्राइवेसी खतरे में क्यों?

एक ऐसा फोन जो खुद काम कर सकता है, वही फोन आपकी निजी तस्वीरें, व्हाट्सऐप चैट, पासवर्ड या बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच सकता है, यह विचार लोगों को असहज करने लगा। इसीलिए ByteDance ने बताया कि वे अब इस सिस्टम के लिए कड़ी सुरक्षा, सीमित एक्सेस और नियम लागू करेंगे।

AI असिस्टेंट्स की दुनिया में कौन आगे?

दुनिया भर में कंपनीयां अब स्मार्टफोन को ऐसे असिस्टेंट में बदलने की होड़ में हैं, जो सिर्फ जवाब न दे बल्कि आपके लिए काम भी करे। OpenAI ने ChatGPT की नई शॉपिंग फीचर लॉन्च की है। Apple 2026 तक Siri के बड़े अपग्रेड पर काम कर रहा है। Google पहले से ही Assistant को और सक्षम बनाने की कोशिश में है।

Pradeep Pandey
Pradeep Pandey author

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

End of Article