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अमेरिका में AI पर लगाम लगाने की तैयारी! लॉन्चिंग से पहले सरकार करेगी नए एआई मॉडल की टेस्टिंग

AI तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में सरकार के सामने इनोवेशन और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि अमेरिका इस दिशा में क्या कदम उठाता है।

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अमेरिका में AI पर लगाम लगाने की तैयारी! लॉन्चिंग से पहले सरकार करेगी नए एआई मॉडल की टेस्टिंग

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों पर सरकारी निगरानी लागू करने पर विचार कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार नए एआई मॉडल्स के लिए एक औपचारिक समीक्षा प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना सकती है, ताकि संभावित जोखिमों का आकलन किया जा सके।

एआई वर्किंग ग्रुप बनाने की योजना

NYT की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी सरकार एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर विचार कर रही है, जिसके तहत एक एआई वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा। इस ग्रुप में टेक कंपनियों के अधिकारी और सरकारी प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो एआई के नियमन और सुरक्षा उपायों पर चर्चा करेंगे। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

नए एआई मॉडल से बढ़ी चिंता

यह कदम खासतौर पर Anthropic के नए एआई मॉडल “Mythos” को लेकर बढ़ती चिंताओं के बाद उठाया जा रहा है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल जटिल साइबर हमलों को और अधिक खतरनाक बना सकता है। इसकी उन्नत कोडिंग क्षमता कमजोरियों की पहचान कर उन्हें भुनाने में सक्षम है, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चुनौती बन सकती है।

ट्रंप के रुख में संभावित बदलाव

यह प्रस्ताव राष्ट्रपति ट्रंप के पहले के रुख से अलग माना जा रहा है। इससे पहले उन्होंने एआई क्षेत्र में कम सरकारी हस्तक्षेप की नीति अपनाने की बात कही थी और अमेरिका को तकनीकी रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए एआई एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर दिया था, खासकर चीन के साथ प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए।

बाइडेन के आदेश को पहले किया था रद्द

गौरतलब है कि ट्रंप ने 2025 में पद संभालते ही पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के 2023 के उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को रद्द कर दिया था, जिसमें एआई से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए सख्त नियम बनाए गए थे। उस आदेश के तहत कंपनियों को अपने एआई सिस्टम के सुरक्षा परीक्षण के परिणाम सरकार के साथ साझा करने होते थे।

कांग्रेस के लिए नई नीति का प्रस्ताव

व्हाइट हाउस ने मार्च में कांग्रेस के सामने एक नई एआई नीति भी पेश की थी। इसमें राज्यों के अलग-अलग नियमों को रोकने, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और एआई के बढ़ते उपयोग से जुड़े ऊर्जा खर्च के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने की सिफारिश की गई है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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