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हैकिंग-फिशिंग के लिए इस्तेमाल हो रहा ये पॉपुलर मोबाइल एप, एक गलती और खाली हो जाएगा अकाउंट

Telegram Bot Using For Phishing Scams: टेलीकोपी एक खतरनाक बॉट है जो हैकर्स को विश्वसनीय फिशिंग वेबसाइट, ईमेल, एसएमएस मैसेज बनाने की सुविधा देता है। फिर इसका इस्तेमाल हैकर्स आम लोगों को जाल में फंसाने के लिए करते हैं।

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Telegram Bot Using For Phishing Scams: एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकर्स फिशिंग स्कैम और हैकिंग को अंजाम देने के लिए बड़े पैमाने पर टेलीकोपी नामक दुर्भावनापूर्ण टेलीग्राम बॉट का उपयोग कर रहे हैं। इन स्कैम को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए हैकर्स विभिन्न प्रकार के लालच और रणनीतियों का उपयोग करते हैं। यह बॉट इतना खतरनाक है कि यूजर्स की एक गलती से उनका अकाउंट तक खाली हो सकता है।

रिसर्च में दावा

ईएसईटी रिसर्च के सुरक्षा शोधकर्ता राडेक जिजबा के अनुसार, टेलीकोपी एक खतरनाक बॉट है जो हैकर्स को विश्वसनीय फिशिंग वेबसाइट, ईमेल, एसएमएस मैसेज बनाने की सुविधा देता है। फिर इसका इस्तेमाल हैकर्स आम लोगों को जाल में फंसाने के लिए करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि खतरनाक तत्वों का एक समूह निएंडरथल खुद को एक वैध कंपनी के रूप में पेश करने में कामयाब रहा है, जो उन्हें एक संरचित ढांचे के भीतर काम करने में सक्षम बनाता है।

इच्छुक सदस्यों को भूमिगत मंचों के माध्यम से भर्ती किया जाता है और उन्हें विशिष्ट टेलीग्राम चैनलों तक पहुंच प्रदान की जाती है, जहां वे अन्य सदस्यों के साथ बातचीत कर सकते हैं और चल रहे कार्यों की निगरानी कर सकते हैं। निएंडरथल का टारगेट तीन प्रकार के स्कैम- विक्रेता, खरीदार, या धनवापसी - में से एक को अंजाम देना है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि रिफंड स्कैम तब होते हैं जब निएंडरथल मैमथ्स (शिकार) को यह विश्वास दिलाने के लिए गुमराह करते हैं कि वे केवल उसी राशि को फिर से काटने के लिए रिफंड की पेशकश कर रहे हैं। यानी यूजर्स को यह भरोसा दिलाया जाता है कि वह और पैसे इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें ज्यादा रिफंड मिल सकता है। ऐसे ही बार-बार पैसों की मांग की जाती है।

हैकर्स ऐसे देते हैं लालच

रिपोर्ट में कहा गया है कि निएंडरथल अपना टारगेट जेंडर, उम्र, ऑनलाइन मार्केटप्लेस में एक्सपीरियंस, रेटिंग, रिव्यू, पूर्ण व्यापार और उनके द्वारा बेची जाने वाली वस्तुओं के प्रकार जैसे कारकों के आधार पर चुनते हैं, जो उन्हें अपने दृष्टिकोण को कस्टमाइज करने और सफलता की संभावना बढ़ाने में मदद करता है। यूजर्स को लुभाने के लिए निएंडरथल फर्जी अपार्टमेंट लिस्टिंग बनाकर रियल एस्टेट धोखाधड़ी में भी लिप्स हैं। वे वीपीएन, प्रॉक्सी और टीओआर का उपयोग करके गुमनाम रहते हैं, जिससे उन्हें पकड़ पाना और ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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