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इस राज्य में सबसे पहले शुरू होगा Starlink का इंटरनेट, साझेदारी की हुई घोषणा

Starlink भारत में नौ गेटवे अर्थ स्टेशन स्थापित करने की योजना बना रही है। ये स्टेशन मुंबई, नोएडा, चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में बनाए जाएंगे। कंपनी ने Gen 1 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन के माध्यम से 600 गीगाबिट्स प्रति सेकेंड क्षमता के लिए आवेदन किया है।

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Starlink

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि उसने एलन मस्क के नेतृत्व वाली Starlink के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नए साझेदारी के साथ महाराष्ट्र भारत का पहला राज्य बन गया है, जिसने अमेरिकी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा प्रदाता के साथ औपचारिक समझौता किया है।

साझेदारी के उद्देश्य

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार Starlink के सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विसेज का उपयोग करेगी। इसमें सरकारी संस्थानों को इंटरनेट सेवा प्रदान करना, ग्रामीण समुदायों में कनेक्टिविटी बढ़ाना, महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में इंटरनेट पहुंचाना जैसे लक्ष्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इन सेवाओं को दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों जैसे गढ़चिरोली, नंदुरबार, वाशीम और धाराशिव के जिलों में भी लागू किया जाएगा।

महाराष्ट्र सीएमओ ने अपने X पोस्ट में लिखा, "Starlink की अत्याधुनिक सैटेलाइट तकनीक के साथ, महाराष्ट्र डिजिटल विभाजन को पाटने में एक साहसिक कदम उठा रहा है, शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी को राज्य के हर कोने में पहुंचाना।" सीएम फडणवीस ने कहा, "इस ऐतिहासिक निर्णय के साथ महाराष्ट्र भारत में सैटेलाइट-सक्षम डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में नेतृत्व करेगा। यह भविष्य के महाराष्ट्र की दिशा में एक बड़ा कदम है।"

Starlink को नियामक मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि यह साझेदारी Starlink को दूरसंचार विभाग से आवश्यक नियामक और अनुपालन मंजूरी मिलने पर निर्भर है। Starlink ने पहले 30 और 31 अक्टूबर को मुंबई में डेमो रन किया था, ताकि यह दिखाया जा सके कि कंपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए सुरक्षा और तकनीकी शर्तों का पालन कर रही है। यह डेमो कानून-व्यवस्था एजेंसियों की मौजूदगी में किया गया था और इसे Starlink को अस्थायी स्पेक्ट्रम आवंटन के आधार पर संचालित किया गया।

Starlink की भारत में भविष्य की योजनाएं

Starlink भारत में नौ गेटवे अर्थ स्टेशन स्थापित करने की योजना बना रही है। ये स्टेशन मुंबई, नोएडा, चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में बनाए जाएंगे। कंपनी ने Gen 1 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन के माध्यम से 600 गीगाबिट्स प्रति सेकेंड क्षमता के लिए आवेदन किया है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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