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Shutdown या Sleep Mode, लैपटॉप के लिए कौन सा ऑप्शन है बेस्ट? एक गलती पड़ सकती है भारी

सुनने में यह बेहद छोटी और आम बात लग सकती है, लेकिन टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में की गई एक छोटी सी लापरवाही आपके महंगे लैपटॉप की लाइफ को आधा कर सकती है और उसे हमेशा के लिए खराब भी कर सकती है।

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आपकी एक छोटी सी गलती महंगे लैपटॉप को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।(फोटो क्रेडिट-iStock)

आज के डिजिटल दौर में लैपटॉप हमारी जिंदगी का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस का काम हो, पढ़ाई हो या फिर एंटरटेनमेंट, हम घंटों लैपटॉप स्क्रीन के सामने बिताते हैं। लेकिन काम खत्म होने के बाद अक्सर हम एक बड़ी कशमकश में फंस जाते हैं कि लैपटॉप को सीधे स्लीप (Sleep) मोड में डाल दें या फिर उसे प्रॉपर शटडाउन (Shutdown) करें?

सुनने में यह बेहद छोटी और आम बात लग सकती है, लेकिन टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में की गई एक छोटी सी लापरवाही आपके महंगे लैपटॉप की लाइफ को आधा कर सकती है और उसे हमेशा के लिए खराब भी कर सकती है। आइए जानते हैं कि दोनों में से कौन सा ऑप्शन कब सही है।

क्या होता है स्लीप मोड?

स्लीप मोड में लैपटॉप पूरी तरह बंद नहीं होता। यह कम बिजली की खपत करते हुए आपकी मौजूदा फाइलें, खुले हुए प्रोग्राम और सिस्टम की स्थिति को मेमोरी में सुरक्षित रखता है। जैसे ही आप पावर बटन दबाते हैं या या डिस्प्ले ओपन करते हैं वैसे ही लैपटॉप कुछ ही सेकंड में वहीं से शुरू हो जाता है जहां आपने काम छोड़ा था।

स्लीप मोड के फायदे

  • लैपटॉप तुरंत चालू हो जाता है।
  • खुले हुए डॉक्यूमेंट और एप्लिकेशन दोबारा खोलने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • बार-बार बूट होने में समय की बचत होती है।
  • कम समय के ब्रेक के लिए सुविधाजनक विकल्प है।

स्लीप मोड के नुकसान

  • थोड़ी-बहुत बैटरी लगातार खर्च होती रहती है।
  • लंबे समय तक स्लीप मोड में रखने से सिस्टम में अस्थायी फाइलें जमा हो सकती हैं।
  • कुछ मामलों में सॉफ्टवेयर या ड्राइवर संबंधी समस्याएं बनी रह सकती हैं।
  • बैग में रखते समय लैपटॉप पूरी तरह स्लीप न होने पर गर्म होने का खतरा रहता है।
  • शटडाउन करने के क्या फायदे हैं?

शटडाउन फायदेमंद या नुकसानदेह

शटडाउन के दौरान ऑपरेटिंग सिस्टम पूरी तरह बंद हो जाता है और हार्डवेयर को बिजली की सप्लाई रुक जाती है। अगली बार लैपटॉप चालू करने पर सिस्टम एक नए सत्र के साथ शुरू होता है।

शटडाउन के फायदे

  • बैटरी की बिल्कुल खपत नहीं होती।
  • सिस्टम मेमोरी साफ हो जाती है।
  • कई छोटे-मोटे सॉफ्टवेयर और परफॉर्मेंस संबंधी मुद्दे अपने आप ठीक हो सकते हैं।
  • लंबे समय तक उपयोग न करने पर हार्डवेयर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।

शटडाउन के नुकसान

लैपटॉप चालू होने में अधिक समय लगता है।

सभी एप्लिकेशन और फाइलें दोबारा खोलनी पड़ती हैं।

बार-बार शटडाउन और स्टार्टअप कुछ यूजर्स के लिए असुविधाजनक हो सकता है।

कब करें स्लीप और कब करें शटडाउन?

एक्सपर्ट का मानना है कि यदि आप 15 मिनट से लेकर कुछ घंटों के भीतर दोबारा लैपटॉप इस्तेमाल करने वाले हैं, तो स्लीप मोड बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे समय की बचत होती है और काम तुरंत शुरू किया जा सकता है।

वहीं यदि आप लैपटॉप का इस्तेमाल पूरे दिन या कई घंटों तक नहीं करने वाले हैं, रातभर बंद रखना चाहते हैं या यात्रा पर जा रहे हैं, तो शटडाउन करना अधिक सुरक्षित और उपयोगी माना जाता है।

क्या स्लीप मोड से लैपटॉप खराब हो सकता है?

आमतौर पर केवल स्लीप मोड का इस्तेमाल करने से लैपटॉप खराब नहीं होता। आधुनिक लैपटॉप इसी सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं। हालांकि, यदि महीनों तक सिस्टम को रीस्टार्ट या शटडाउन न किया जाए, तो परफॉर्मेंस धीमी पड़ सकती है और कुछ सॉफ्टवेयर समस्याएं सामने आ सकती हैं।

इसके अलावा, यदि लैपटॉप स्लीप मोड में बैग के अंदर चला जाए और किसी कारण से सक्रिय हो जाए, तो अत्यधिक गर्मी पैदा हो सकती है, जो बैटरी और अन्य कंपोनेंट्स के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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