Apple का नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro Max अपने प्रीमियम फीचर्स और करीब 1.80 लाख रुपये की कीमत के कारण चर्चा में है। भारत में इसकी कीमत 1,79,900 रुपये रखी गई है। फोन में नया A20 Pro चिपसेट, बेहतर कैमरा सिस्टम, बड़ा डिस्प्ले, अपग्रेडेड कूलिंग और फास्ट चार्जिंग जैसी खूबियां मिलती हैं। हालांकि, डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं हुए हैं और बैटरी बैकअप में भी बहुत ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिलता। ऐसे में सवाल है कि क्या यह फोन खरीदने लायक है या पुराने आईफोन को ही इस्तेमाल करते रहना बेहतर होगा? आइए जानते हैं इसकी 5 बड़ी खूबियां और 5 कमियां।
iPhone 18 Pro Max की 5 बड़ी खूबियां
1. A20 Pro चिपसेट से मिलेगी दमदार परफॉर्मेंस
iPhone 18 Pro Max में A20 Pro चिपसेट दिया गया है, जो बेहतर स्पीड, ग्राफिक्स और AI प्रोसेसिंग क्षमता के लिए तैयार किया गया है। इसकी मदद से हैवी गेमिंग, मल्टीटास्किंग और डिमांडिंग ऐप्स चलाना आसान हो सकता है। हालांकि, रोजमर्रा के इस्तेमाल में पिछले मॉडल iPhone 17 Pro Max के मुकाबले अंतर बहुत ज्यादा महसूस नहीं हो सकता, लेकिन नया प्रोसेसर भविष्य के सॉफ्टवेयर अपडेट और भारी काम के लिए बेहतर क्षमता देता है।
2. 48MP कैमरे और वेरिएबल अपर्चर
फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए फोन में बड़ा अपग्रेड कैमरा सिस्टम है। इसमें Sony IMX905 सेंसर वाला 48MP कैमरा और मैकेनिकल वेरिएबल अपर्चर दिया गया है। यूजर जरूरत के हिसाब से f/1.48, f/1.8, f/2.8 और f/4 अपर्चर चुन सकते हैं। फोन में तीनों रियर कैमरे 48MP के हैं, जिनमें अल्ट्रा-वाइड और टेलीफोटो कैमरा भी शामिल हैं। इसमें 4x ऑप्टिकल और 8x ऑप्टिकल-क्वालिटी जूम मिलता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 18MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है।
3. बेहतर कूलिंग से गेमिंग होगी आसान
फोन में अपग्रेडेड वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम दिया गया है। इसका उद्देश्य लंबे समय तक गेम खेलने या लगातार 4K वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान फोन को ज्यादा गर्म होने से बचाना है। जो यूजर अपने स्मार्टफोन पर हैवी गेमिंग और वीडियो शूटिंग करते हैं, उनके लिए यह फीचर खास हो सकता है।
4. बड़ा और शानदार डिस्प्ले
iPhone 18 Pro Max में 6.9 इंच का डिस्प्ले मिलता है, जो वीडियो देखने, गेमिंग और कंटेंट बनाने के लिए बड़ा स्क्रीन एरिया देता है। फोन के स्पीकर भी दमदार आवाज देते हैं। इसके अलावा इसमें Ceramic Shield 2 ग्लास, IP68 रेटिंग और एल्युमिनियम-ग्लास बॉडी मिलती है। ये खूबियां फोन को प्रीमियम अनुभव देती हैं।
5. फास्ट चार्जिंग और बड़ी बैटरी
फोन में 5,391mAh की बैटरी दी गई है और यह 60W चार्जिंग सपोर्ट करता है। कंपनी से जुड़ी जानकारी के अनुसार, सही परिस्थितियों में फोन करीब 15 मिनट में 50 प्रतिशत और लगभग 70 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो सकता है। हालांकि, बैटरी बैकअप में पिछले मॉडल के मुकाबले बड़ा सुधार नहीं बताया गया है।
iPhone 18 Pro Max की 5 बड़ी कमियां
1. कीमत बहुत ज्यादा है
1,79,900 रुपये की कीमत इसे ज्यादातर ग्राहकों के लिए महंगा विकल्प बनाती है। नए फीचर्स उपयोगी हैं, लेकिन अगर आपके पास पहले से iPhone 17 Pro Max है, तो अपग्रेड के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च करना जरूरी नहीं लग सकता।
2. डिजाइन में बड़ा बदलाव नहीं
फोन का डिजाइन पिछले मॉडल जैसा ही है। Dynamic Island का आकार थोड़ा छोटा हुआ है, जबकि कैमरा बंप कुछ बड़ा है। अगर आप बिल्कुल नया लुक चाहते हैं, तो यह फोन आपको निराश कर सकता है।
3. फोन काफी भारी है
iPhone 18 Pro Max का वजन 249 ग्राम है। इसकी 6.9 इंच की बड़ी स्क्रीन के कारण इसे एक हाथ से इस्तेमाल करना कुछ लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। हल्का और कॉम्पैक्ट फोन पसंद करने वालों के लिए iPhone 18 Pro बेहतर विकल्प हो सकता है।
4. कम रोशनी में Face ID की परेशानी
कुछ Face ID सेंसर को डिस्प्ले के नीचे रखने के बाद कम रोशनी में फोन अनलॉक करने में परेशानी होने की बात सामने आई है। ऐसे में कभी-कभी यूजर को पासकोड डालना पड़ सकता है। महंगे फ्लैगशिप फोन में यह कमी परेशान कर सकती है।
5. बैटरी और AI में बड़ा बदलाव नहीं
तेज चार्जिंग के बावजूद बैटरी बैकअप में बड़ा सुधार नहीं है। वहीं, Apple के AI फीचर्स में सुधार हुआ है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इनका अनुभव अभी भी पूरी तरह सहज नहीं है। यानी बेहतर हार्डवेयर के बावजूद AI के मामले में कंपनी को सॉफ्टवेयर स्तर पर और सुधार की जरूरत है।
क्या आपको iPhone 18 Pro Max खरीदना चाहिए?
अगर आप फोटोग्राफी, वीडियो रिकॉर्डिंग, दमदार परफॉर्मेंस और बड़े डिस्प्ले वाला प्रीमियम आईफोन चाहते हैं, तो iPhone 18 Pro Max अच्छा विकल्प हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए जो दो-तीन साल पुराने आईफोन से अपग्रेड करना चाहते हैं।
लेकिन अगर आपके पास iPhone 17 Pro Max है, तो नया फोन खरीदने की जल्दी करने की जरूरत नहीं है। इसकी ऊंची कीमत, भारी बॉडी और बैटरी बैकअप में सीमित सुधार को देखते हुए एक या दो साल इंतजार करना भी समझदारी हो सकती है।
