रूस ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर कुछ वॉयस कॉल्स को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। सरकार का आरोप है कि ये विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी और आतंकवाद से जुड़े मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करने में विफल रहे हैं। इसकी जानकारी रूस के डिजिटल विकास मंत्रालय ने दी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध केवल कॉल्स पर लागू होगा, ऐप की अन्य सुविधाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
रूस के संचार नियामक रोसकोमनाडजोर ने इंटरफैक्स ने कहा कि अपराधियों को रोकने के लिए विदेशी मैसेंजर्स पर कॉल्स को आंशिक रूप से प्रतिबंधित किया जा रहा है। इनकी अन्य सेवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। व्हाट्सएप की मालिक कंपनी मेटा और टेलीग्राम की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई।
सेवा में बाधा की पुष्टि
रॉयटर्स के अनुसार, 11 अगस्त से टेलीग्राम पर वॉयस कॉल लगभग बंद हैं, जबकि व्हाट्सएप कॉल्स में बीच-बीच में आवाज टूटना और मेटैलिक बज जैसी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे बातचीत लगभग असंभव हो गई है। टेलीग्राम ने रूस के आरबीसी डेली से बातचीत में कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर हिंसा और धोखाधड़ी की अपीलों के खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। कंपनी ने बताया, “मॉडरेटर्स एआई टूल्स का इस्तेमाल कर पब्लिक चैट्स से हर दिन लाखों हानिकारक संदेश हटाते हैं।”
डिजिटल संप्रभुता की ओर रूस का कदम
यूक्रेन पर फरवरी 2022 में हमले के बाद से कंटेंट कंट्रोल और डेटा स्टोरेज को लेकर विवाद तेज हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार रूस के इंटरनेट इकोसिस्टम पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक सरकारी मैसेजिंग ऐप के विकास को मंजूरी दी है, जो सरकारी सेवाओं के साथ इंटीग्रेट होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल डिजिटल संप्रभुता की दिशा में उठाया गया कदम है, जिसका उद्देश्य देशी सेवाओं को बढ़ावा देना और व्हाट्सएप व टेलीग्राम जैसे विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता घटाना है।
डिजिटल विकास मंत्रालय ने बताया कि धोखाधड़ी और आतंकवाद के लिए प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को रोकने के उपाय करने के बार-बार अनुरोध के बावजूद कंपनियों ने पालन नहीं किया। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि कंपनियां रूसी कानूनों का पूरी तरह पालन करें, रूस में कानूनी इकाई खोलें, रोसकोमनाडज़ोर व कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सहयोग करें, तो यह पाबंदी हटाई जा सकती है।
