जोखिम भरा हो सकता है इस्तेमाल
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि हवाई अड्डों, कॉफी शॉपों और सार्वजनिक स्थानों पर मुफ्त पब्लिक वाई-फाई सुविधाजनक लग सकता है, लेकिन यह आपकी निजी और वित्तीय जानकारी के लिए बहुत जोखिम भरा हो सकता है। इनमें से कई पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क उचित रूप से सुरक्षित नहीं हैं, जिससे वे हैकर्स और घोटालेबाजों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं।
डिजिटल सुरक्षा जागरूकता को मजबूत करने के लिए इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (सीईआरटी-आईएन) ने अपनी ‘जागरूकता दिवस’ पहल के तहत यह नया रिमाइंडर जारी किया है। एडवाइजरी में नागरिकों को पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क पर बैंकिंग या ऑनलाइन शॉपिंग जैसी संवेदनशील गतिविधियां करने के प्रति आगाह किया गया है।
डिवाइस हो सकता है हैक
सीईआरटी-इन ने बताया कि साइबर अपराधी पब्लिक वाई-फाई पर असुरक्षित कनेक्शन को आसानी से हैक कर सकते हैं, जिससे यूजर्स का डेटा चोरी और वित्तीय हानि का सामाना करना पड़ सकता है। सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वह ऐसे नेटवर्क से जुड़ने पर लेनदेन करने या व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने से बचें।
क्या है बचने का तरीका
अपने जागरूकता अभियान के हिस्से के रूप में, सीईआरटी-आईएन ने कुछ जरूरी सेफ्टी प्रैक्टिस टिप्स भी शेयर किए हैं। इसमें कहा गया कि कभी भी अज्ञात सोर्स से लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें, सभी ऑनलाइन खातों के लिए लंबे और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और नियमित रूप से महत्वपूर्ण फाइलों का बैकअप बाहरी ड्राइव पर रखें। यह आदतें व्यक्तिगत जानकारी के इर्द-गिर्द मजबूत सेफ्टी बनाने में मदद कर सकती हैं।
सरकार एजेंसी ने कहा कि अगर उचित सावधानी न बरती जाए तो ईमेल चेक करना या सार्वजनिक वाई-फाई पर सोशल मीडिया अकाउंट में लॉग इन करने जैसी सरल गतिविधियां भी जोखिम भरी हो सकती हैं। सीईआरटी-आईएन भारत में साइबर सुरक्षा के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय एजेंसी है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन काम करती है।
इनपुट- आईएएनएस
