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AC मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार, PLI योजना के तहत 863 करोड़ निवेश, 5 कंपनियों को हरी झंडी

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बताया कि व्हाइट गुड्स (एसी और एलईडी लाइट) के लिए पीएलआई योजना के चौथे चरण में कुल 13 कंपनियों ने आवेदन किया था। इन आवेदनों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद 863 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली पांच कंपनियों को अस्थायी रूप से लाभार्थी चुना गया है।

PLI Scheme Air conditioner

PLI Scheme Air conditioner

एयर कंडीशनर उपकरणों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत पांच कंपनियों का चयन किया गया है। PTI/भाषा के मुताबिक शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इस बात की जानकारी दी गई। चयनित कंपनियों में किर्लोस्कर न्यूमैटिक, इंडो एशिया कॉपर, गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, क्रायोन टेक्नोलॉजी और प्रणव विकास (इंडिया) शामिल हैं।

863 करोड़ रुपये का निवेश

सरकार के मुताबिक, इन पांचों कंपनियों द्वारा कुल 863 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है। यह निवेश एयर कंडीशनर उपकरणों के निर्माण से जुड़े इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। पीएलआई योजना के तहत आधार वर्ष और एक साल की तैयारी अवधि के बाद अगले पांच वर्षों तक बढ़ती बिक्री पर 6 प्रतिशत से लेकर 4 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन हर साल घटते आधार पर लागू होगा।

13 कंपनियों ने किया था आवेदन

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बताया कि व्हाइट गुड्स (एसी और एलईडी लाइट) के लिए पीएलआई योजना के चौथे चरण में कुल 13 कंपनियों ने आवेदन किया था। इन आवेदनों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद 863 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली पांच कंपनियों को अस्थायी रूप से लाभार्थी चुना गया है।

किर्लोस्कर ने किया सबसे ज्यादा निवेश

निवेश के आंकड़ों की बात करें तो किर्लोस्कर न्यूमैटिक ने 320 करोड़ रुपये, इंडो एशिया कॉपर ने 258.97 करोड़ रुपये और गोदरेज एंड बॉयस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने 58.69 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। वहीं, क्रायोन टेक्नोलॉजी और प्रणव विकास (इंडिया) का निवेश क्रमशः 175 करोड़ रुपये और 50 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है।

मंत्रालय के अनुसार, इन पांच कंपनियों के जरिए कुल 8,337.24 करोड़ रुपये का उत्पादन होने का अनुमान है। इसके अलावा, यह परियोजनाएं वर्ष 2027-28 तक लगभग 1,799 लोगों के लिए अतिरिक्त प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

10 नवंबर थी आखिरी तारीख

चौथे दौर में आवेदन करने वाली बाकी आठ कंपनियों को आगे की जांच और सिफारिशों के लिए विशेषज्ञों की समिति (COE) के पास भेजा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पीएलआई योजना के चौथे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 सितंबर से 10 नवंबर, 2025 तक खुली थी।

सरकार का मानना है कि इस योजना से देश में एसी उपकरणों का घरेलू निर्माण बढ़ेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित होगा।

Pradeep Pandey
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प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिय... और देखें

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