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पेटीएम ने यूपीआई लेनदेन में सुधार के शुरुआती संकेत दिखाए, जानें क्या हुए बदलाव

Paytm UPI: पेटीएम मार्केट हिस्सेदारी के मामले में तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। इसके अलावा, अपने मर्चेंट बेस के विस्तार को देखते हुए कंपनी पीयर-टू-मर्चेंट (पी2एम) यूपीआई लेनदेन में सबसे आगे बनी हुई है। मई में पेटीएम प्लेटफॉर्म पर प्रोसेस्ड यूपीआई ट्रांसक्शन्स (लेनदेन) का कुल मूल्य बढ़कर 1.24 ट्रिलियन रुपये हो गया।

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Paytm UPI

Photo : BCCL

Paytm UPI: भारत में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का चलन बढ़ता जा रहा है। हर कोई पेमेंट के लिए यूपीआई का उपयोग करता है। इस बीच पेमेंट एंड फाइनेंशियल सर्विस कंपनी पेटीएम को अपने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) बिजनेस में सुधार और मजबूत स्थिरता के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं। यह कंपनी के लिए जबरदस्त वापसी का संकेत है।

मई में पेटीएम प्लेटफॉर्म पर प्रोसेस्ड यूपीआई ट्रांसक्शन्स (लेनदेन) का कुल मूल्य बढ़कर 1.24 ट्रिलियन रुपये हो गया। इसका श्रेय कंपनी द्वारा शुरू की गई कई पहलों को जाता है। यूपीआई पर क्रेडिट कार्ड, यूपीआई लाइट आदि। मई में प्लेटफॉर्म पर कुल लेनदेन 1.14 बिलियन पर स्थिर होने के साथ पेटीएम मार्केट हिस्सेदारी के मामले में तीसरा सबसे बड़ा प्लेयर बन गया। जबकि यह मार्च में एक थर्ड-पार्टी एप्लीकेशन प्रदाता (टीपीएपी) बन गया था।

मार्केट हिस्सेदारी के मामले तीसरी नंबर पर पेटीएम

पेटीएम मार्केट हिस्सेदारी के मामले में तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। इसके अलावा, अपने मर्चेंट बेस के विस्तार को देखते हुए कंपनी पीयर-टू-मर्चेंट (पी2एम) यूपीआई लेनदेन में सबसे आगे बनी हुई है।

डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म और पेटीएम

पेटीएम एकमात्र भारतीय कंपनी है जो गूगल पे और फोनपे के अधिकार (डुओपोली) को चुनौती दे रही है। यूपीआई ने मई 2024 में करीब 14 बिलियन लेन-देन संभालकर एक मील का पत्थर हासिल किया। यह 49 प्रतिशत साल-दर-साल की वृद्धि है और 20.45 ट्रिलियन रुपये के लेनदेन संसाधित (प्रोसेस्ड) किए गए, जो 2016 में लॉन्च होने के बाद से सबसे ज्यादा है। यह उछाल भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के बीच डिजिटल पेमेंट के लिए बढ़ती प्राथमिकता को रेखांकित करता है।

पेटीएम यूपीआई लाइट

यूपीआई को लेकर पेटीएम उत्साहित है। उसने अपनी यूपीआई सर्विस को बढ़ाने के लिए एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और यस बैंक समेत विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी की है। नोएडा हेड क्वार्टर वाली कंपनी ने अपनी आय के एक हिस्से के रूप में कहा है कि इस कदम से उसके व्यवसाय मॉडल का जोखिम और कम हो गया है। पेटीएम द्वारा अपने प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किए गए यूपीआई लाइट जैसे फीचर यूजर्स को पेमेंट विफलताओं के जोखिम से बचने के लिए आसानी से पेमेंट करने में मदद करते हैं।

डिजिटल पेमेंट से लेनदेन हुआ आसान

यह सर्विस खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो अक्सर किराने का सामान खरीदने, पार्किंग के लिए पेमेंट करने या रोज आने-जाने के लिए किराए का पेमेंट करने जैसे छोटे भुगतान करते हैं। कंपनी को वित्त वर्ष 2024 के लिए 288 करोड़ रुपये का यूपीआई प्रोत्साहन प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में 182 करोड़ रुपये था। यह पेमेंट बुनियादी ढांचे के साथ इसकी निरंतर ग्रोथ को दर्शाता है। भारत में डिजिटल पेमेंट में ओवरऑल ग्रोथ, सहायक सरकारी नीतियों से प्रेरित होकर, नकदी रहित लेनदेन के प्रति उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव का संकेत देती है।

इनपुट-IANS

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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