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OpenAI ने लॉन्च किया Prism टूल, बदल जाएगा वैज्ञानिक रिसर्च का तरीका

OPENAI Prism: Prism को LaTeX सिस्टम पर बनाया गया है, जिसका इस्तेमाल रिसर्चर जटिल गणितीय समीकरणों और वैज्ञानिक पेपर लिखने के लिए करते हैं। यह प्लेटफॉर्म उन अलग-अलग टूल्स की जगह लेने का प्रयास करता है, जिनका वैज्ञानिक आमतौर पर इस्तेमाल करते हैं, जैसे टेक्स्ट एडिटर, PDF रीडर, रेफरेंस मैनेजर और चैटबॉट।

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OpenAI launches Prism

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में OpenAI ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने Prism नाम का नया AI वर्कस्पेस लॉन्च किया है, जिसे खासतौर पर वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है। इसका मकसद रिसर्च पेपर लिखने और टीम के साथ मिलकर काम करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

GPT-5.2 से पावर्ड है Prism

OpenAI के अनुसार Prism को GPT-5.2 मॉडल से पावर दिया गया है, जिसे कंपनी गणितीय और वैज्ञानिक तर्क के लिए अपना अब तक का सबसे एडवांस मॉडल बता रही है। OpenAI ने अपने ब्लॉग में Prism को “वैज्ञानिकों के लिए एक फ्री, AI-नेटिव वर्कस्पेस” के रूप में पेश किया है।

LaTeX पर आधारित है नया प्लेटफॉर्म

Prism को LaTeX सिस्टम पर बनाया गया है, जिसका इस्तेमाल रिसर्चर जटिल गणितीय समीकरणों और वैज्ञानिक पेपर लिखने के लिए करते हैं। यह प्लेटफॉर्म उन अलग-अलग टूल्स की जगह लेने का प्रयास करता है, जिनका वैज्ञानिक आमतौर पर इस्तेमाल करते हैं, जैसे टेक्स्ट एडिटर, PDF रीडर, रेफरेंस मैनेजर और चैटबॉट।

रिसर्च टूल्स की बिखरी व्यवस्था से राहत

OpenAI का कहना है कि रिसर्च से जुड़ा रोजमर्रा का काम- जैसे पेपर ड्राफ्ट करना, तर्क सुधारना, समीकरण और सिटेशन संभालना और सहयोगियों के साथ तालमेल- अभी तक अलग-अलग टूल्स में बंटा हुआ था। Prism को इस समस्या का समाधान मानते हुए सब कुछ एक ही जगह लाने के लिए डिजाइन किया गया है।

डॉक्यूमेंट के अंदर ही AI की मदद

Prism की खास बात यह है कि इसमें रिसर्चर को अलग से चैट विंडो खोलने की जरूरत नहीं होती। AI सीधे पेपर के अंदर काम करता है। GPT-5.2 टेक्स्ट ड्राफ्ट करने, उसमें सुधार करने, समीकरणों पर विचार करने और arXiv जैसे प्लेटफॉर्म से संबंधित रिसर्च पेपर सुझाने में मदद करता है।

हाथ से लिखे फॉर्मूले भी होंगे डिजिटल

OpenAI के मुताबिक, Prism में AI हाथ से लिखे गए फॉर्मूलों या डायग्राम की फोटो को भी LaTeX कोड में बदल सकता है। इसके अलावा AI पूरे डॉक्यूमेंट के संदर्भ में टेक्स्ट, समीकरण, सिटेशन और फिगर को समझकर सुझाव देता है।

फ्री में मिलेगा, अनलिमिटेड प्रोजेक्ट्स की सुविधा

Prism किसी भी पर्सनल ChatGPT अकाउंट वाले यूजर के लिए पूरी तरह मुफ्त है। इसमें अनलिमिटेड प्रोजेक्ट्स और सहयोगियों के साथ काम करने की सुविधा दी गई है। हालांकि, बिजनेस, यूनिवर्सिटी और एंटरप्राइज यूज़र्स के लिए इसके अलग वर्जन बाद में लॉन्च किए जाएंगे।

Crixet से निकला Prism

OpenAI ने बताया कि Prism की शुरुआत Crixet नाम के क्लाउड-आधारित LaTeX प्लेटफॉर्म से हुई थी, जिसे कंपनी ने पहले अधिग्रहित किया और फिर AI को केंद्र में रखकर दोबारा तैयार किया। OpenAI ने Prism को विज्ञान के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि अभी हम शुरुआती दौर में हैं, लेकिन यह साफ है कि AI वैज्ञानिक प्रगति में अहम भूमिका निभाने वाला है। कंपनी ने तुलना करते हुए कहा कि जैसे 2025 में AI ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को बदल दिया, वैसे ही 2026 में विज्ञान के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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