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OpenAI ने लॉन्च किया पर्सनल AI असिस्टेंट dots, 24 घंटे खुद करेगा आपके सारे काम

OpenAI ने Dots नाम का हमेशा सक्रिय रहने वाला AI असिस्टेंट लॉन्च किया है। यह 4,000 से ज्यादा ऐप्स से जुड़कर यूजर की ओर से कई काम कर सकता है। जानें इसके फीचर्स और सुरक्षा।

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4,000 से ज्यादा ऐप्स से कनेक्ट होगा/Photo- OpenAI

OpenAI ने AI की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाते हुए Dots नाम का नया पर्सनल AI असिस्टेंट लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक Dots एक “always-on” AI एजेंट है, जो यूजर के लिए लगातार काम कर सकता है। इसका इस्तेमाल रेस्टोरेंट बुकिंग से लेकर वेबसाइट डिजाइन, मीटिंग शेड्यूल करने और अलग-अलग डिजिटल कामों को संभालने तक के लिए किया जा सकता है। OpenAI ने इसे ऐसा AI एजेंट बताया है जो यूजर के लक्ष्य को समझकर उसकी ओर से काम कर सकता है।

यूजर के कहने से पहले भी कर सकता है काम

OpenAI के अनुसार Dots की खासियत यह है कि यूजर को हर छोटे काम के लिए बार-बार निर्देश देने की जरूरत नहीं होगी। एजेंट यूजर के लक्ष्यों और काम करने के तरीके को समझकर लगातार काम कर सकता है। कंपनी का कहना है कि इसका मकसद ऐसे कामों को संभालना है, जिन्हें यूजर समय की कमी या दूसरे कारणों से पूरा नहीं कर पाता। यानी सामान्य AI चैटबॉट की तरह सिर्फ सवालों के जवाब देने के बजाय Dots को ऐसे काम करने के लिए तैयार किया गया है, जिनका परिणाम यूजर को चाहिए।

4,000 से ज्यादा ऐप्स से कनेक्ट होगा

OpenAI के मुताबिक Dots को 4,000 से ज्यादा ऐप्स से जोड़ा जा सकता है। इनमें Slack और Microsoft Teams जैसे वर्कप्लेस टूल्स भी शामिल हैं। इससे AI एजेंट यूजर की अनुमति के अनुसार अलग-अलग ऐप्स में जाकर काम कर सकता है। OpenAI के नए एजेंट GPT-6 Astra मॉडल पर आधारित हैं। कंपनी ने GPT-6 Astra को कोडिंग, रिसर्च, कंप्यूटर यूज और जटिल मल्टी-स्टेप कामों के लिए बेहतर क्षमताओं के साथ पेश किया है।

सुरक्षा के लिए Read-Only मोड

AI एजेंट को कंप्यूटर और ब्राउजर का एक्सेस देने के साथ सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा है। इसी वजह से OpenAI ने Dots में कई सुरक्षा और प्राइवेसी कंट्रोल दिए हैं। इनमें Read-Only मोड भी शामिल है। इस मोड में एजेंट जानकारी पढ़ सकता है, लेकिन यूजर की गैर-मौजूदगी में ब्राउजर या कंप्यूटर को नियंत्रित करके बदलाव नहीं कर सकता। OpenAI ने एजेंट के काम पर यूजर को नियंत्रण देने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी जोड़े हैं।

AI एजेंट की रेस में Meta और Google भी

Dots ऐसे समय में आया है जब टेक कंपनियां AI असिस्टेंट को सिर्फ चैटिंग तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक काम करने में सक्षम बनाने पर जोर दे रही हैं। OpenAI का Dots, Meta के Muse और Google के Gemini से जुड़े नए एजेंट फीचर्स इसी दिशा में बढ़ते कदम हैं। इस तरह के AI एजेंट का उद्देश्य यूजर की ओर से कई चरणों वाले काम खुद पूरा करना है, जिससे हर स्टेप पर इंसानी हस्तक्षेप की जरूरत कम हो सकती है।

AI सुरक्षा को लेकर भी बढ़ी चिंता

AI एजेंट की क्षमताएं बढ़ने के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। OpenAI के एजेंट्स से जुड़े कुछ हालिया मामलों के बाद कंपनी ने सुरक्षा और निगरानी पर भी जोर दिया है। Reuters के अनुसार, कंपनी ने हाल में एजेंट गतिविधियों और डेटा से जुड़े मामलों की समीक्षा शुरू की है। इसी बीच OpenAI ने अपने एक नए मॉडल GPT-6.1 Astra की रिलीज को आंतरिक सुरक्षा परीक्षणों में सामने आई समस्याओं के बाद आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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