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इंतजार खत्म, OpenAI ने लॉन्च किया अपना ब्राउजर Atlas, गूगल क्रोम को मिलेगी सीधी टक्कर

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  • Updated Oct 22, 2025, 10:06 AM IST

OpenAI Atlas Browser: ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इस लॉन्च को “एक दशक में एक बार मिलने वाला अवसर” बताया है, जिससे यह तय किया जा सके कि भविष्य का ब्राउज़र कैसा होना चाहिए। वहीं फॉरेस्टर के विश्लेषक पैडी हैरिंगटन ने चेतावनी दी कि “गूगल जैसे दिग्गज से प्रतिस्पर्धा करना आसान नहीं होगा।”

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OpenAI Atlas browser/Photo-Openai

ओपनएआई (OpenAI) ने अपना नया वेब ब्राउजर “एटलस” (Atlas) लॉन्च किया है, जिससे अब यह कंपनी सीधे तौर पर गूगल से प्रतिस्पर्धा में उतर गई है। जैसे-जैसे इंटरनेट उपयोगकर्ता अपने सवालों के जवाब पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अधिक निर्भर होते जा रहे हैं, यह कदम ओपनएआई के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

Atlas से ओपनएआई की नई शुरुआत

ओपनएआई अपने मशहूर चैटबॉट ChatGPT को अब ऑनलाइन सर्च का मुख्य माध्यम बनाना चाहती है। इससे कंपनी को डिजिटल विज्ञापन और इंटरनेट ट्रैफिक से अधिक कमाई का अवसर मिल सकता है, हालांकि एक्सपर्ट का मानना है कि यदि उपयोगकर्ता सीधे एआई-आधारित सारांशित जवाबों से संतुष्ट हो जाते हैं, तो यह पारंपरिक ऑनलाइन प्रकाशकों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है क्योंकि क्लिक दर में भारी गिरावट आ सकती है।

ChatGPT के मुफ्त उपयोगकर्ता और आर्थिक चुनौती

800 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं के बावजूद, अधिकांश लोग ChatGPT का उपयोग मुफ्त में करते हैं। सैन फ्रांसिस्को स्थित यह कंपनी फिलहाल अपने खर्च से अधिक घाटे में चल रही है और मुनाफा कमाने के नए रास्ते तलाश रही है। एटलस ब्राउजर फिलहाल एपल लैपटॉप (macOS) पर लॉन्च हुआ है और जल्द ही विंडोज, iOS और एंड्रॉयड सिस्टम पर भी उपलब्ध होगा।

“ब्राउजर वॉर” की नई चुनौती

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने इस लॉन्च को “एक दशक में एक बार मिलने वाला अवसर” बताया है, जिससे यह तय किया जा सके कि भविष्य का ब्राउज़र कैसा होना चाहिए। वहीं फॉरेस्टर के विश्लेषक पैडी हैरिंगटन ने चेतावनी दी कि “गूगल जैसे दिग्गज से प्रतिस्पर्धा करना आसान नहीं होगा।”

हाल के महीनों में ब्राउजर मार्केट पर कानूनी और व्यावसायिक दबाव बढ़ा है। कुछ समय पहले ओपनएआई ने अदालत में कहा था कि यदि गूगल को अपने क्रोम ब्राउज़र को बेचना पड़े, तो वह उसे खरीदने में रुचि रखेगी। लेकिन यह संभावना समाप्त हो गई जब अमेरिकी जिला न्यायाधीश अमित मेहता ने यह मांग खारिज कर दी।

क्रोम से टक्कर आसान नहीं

क्रोम के पास दुनिया भर में लगभग 3 अरब उपयोगकर्ता हैं और अब इसमें गूगल की जेमिनी एआई तकनीक भी एकीकृत की जा रही है। वर्ष 2008 में लॉन्च हुआ क्रोम अपनी तेज गति और सरल इंटरफेस के कारण जल्द ही बाजार में छा गया था। अब ओपनएआई का एटलस उसी रास्ते पर चलने की कोशिश कर रहा है। ओपनएआई के अलावा, एक और एआई स्टार्टअप Perplexity ने इस साल की शुरुआत में अपना खुद का Comet ब्राउजर लॉन्च किया था और उसने भी क्रोम खरीदने की इच्छा जताई थी।

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