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लव लेटर लिखने ही नहीं हार्ट स्कैन करने में भी मदद कर सकता है AI, रिसर्चर्स ने बनाया गया मॉडल

AI Speeds Up Heart Scans: एक साधारण एमआरआई प्रक्रिया में 45 मिनट लगते हैं, लेकिन नए मॉडल में कुछ सेकंड का ही समय लगता है। पिछले रिसर्च में हार्ट के केवल दो मुख्य चैंबर पर फोकस किया गया था, नया रिसर्च सभी चार चैंबर्स पर फोकस करता है।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)

Photo : iStock

AI Speeds Up Heart Scans: चैटजीपीटी के आने के बाद कई लोगों ने इसका लव लेटर लिखने के लिए इस्तेमाल किया। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पावर यहीं तक सीमित नहीं है। रिसर्चर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एमआरआई हार्ट स्कैन के लिए एक नया मॉडल तैयार किया है। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ रोगी की देखभाल में भी सुधार हो सकता है।

एमआरआई स्कैन के लिए AI का इस्तेमाल

ईस्ट एंग्लिया (यूईए) शेफील्ड और लीड्स विश्वविद्यालयों की टीमों ने एक मॉडल बनाया है जो हृदय के चारों चैंबर (कक्षों) में एमआरआई स्कैन की जांच करने के लिए एआई का उपयोग करता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के नॉर्विच मेडिकल स्कूल के पंकज गर्ग ने कहा, ''यह मॉडल हृदय के कक्षों के आकार और कार्य को निर्धारित करता है और डॉक्टरों द्वारा किए गए परिणामों के बराबर लेकिन अकल्पनीय रूप से तेज परिणाम देता है।''

कुछ सेकंड में हो जाएगा 45 मिनट का काम

उन्होंने कहा कि एक साधारण एमआरआई प्रक्रिया में 45 मिनट लगते हैं, लेकिन नए मॉडल में कुछ सेकंड का ही समय लगता है, जिससे इस क्षेत्र में समग्र सुधार हो सकता है। शोध में 814 रोगियों के डेटा शामिल थे। इसके अलावा, अन्य 101 रोगियों के स्कैन और डेटा के भी नमूने लिए गए।

ईलाज में मिलेगी मदद

पिछले शोध में हृदय के केवल दो मुख्य चैंबर पर फोकस किया गया था, नया शोध सभी चार चैंबर्स पर फोकस करता है। टीम ने कहा कि इससे तेज, अधिक सटीक निदान के साथ रोगियों को मदद मिलेगी।

उन्होंने भविष्य में विभिन्न अस्पतालों के मरीजों के बड़े समूहों, विभिन्न प्रकार के एमआरआई स्कैनर और चिकित्सा पद्धति में देखी जाने वाली अन्य सामान्य बीमारियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए शोध की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि सटीकता की पुष्टि की जा सके।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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