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6G के लिए भारत तैयार: TRAI ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए रखा रोडमैप

ट्राई के चेयरमैन कहा कि इमारतों के अंदर नेटवर्क की समस्या अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। डेटा उपयोग बढ़ने के बावजूद घरों के अंदर खराब सिग्नल की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

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ट्राई के मुताबिक नेटवर्क से संबंधित शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।(फोटो क्रेडिट-Digit)

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन ए. के. लाहोटी ने शुक्रवार को कहा कि मोबाइल डेटा का इस्तेमाल एवं उसकी गति तेजी से बढ़ने के बावजूद लोग घरों और इमारतों के अंदर नेटवर्क की समस्या का सामना कर रहे हैं जिससे निर्माण योजनाओं में डिजिटल संपर्क ढांचे को शामिल करना अब जरूरी हो गया है।

दूरसंचार नियामक ट्राई के चेयरमैन ने यहां ’सीओएआई डिजिकॉम समिट 2026’ में कहा कि डेटा की मांगों को पूरा करने के लिए केवल मोबाइल नेटवर्क काफी नहीं हैं खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल के समय में, इसलिए नियामक ढांचा एवं नीतियां स्थिर ब्रॉडबैंड नेटवर्क के विस्तार को बढ़ावा दे रही हैं, ताकि उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।

6G की तैयारी तेज, 600 MHz बैंड की वैधता बढ़ी

TRAI ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अब अगली पीढ़ी की तकनीक यानी 6G के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रहा है। इसी दिशा में 600 MHz बैंड की वैधता को बढ़ा दिया गया है, जिसे तेज इंटरनेट सेवाओं के रोलआउट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा, रेगुलेटर ने इंटर-बैंड स्पेक्ट्रम शेयरिंग और अतिरिक्त स्पेक्ट्रम को लीज पर देने की सिफारिश की है, ताकि स्पेक्ट्रम के उपयोग को अधिक कुशल बनाया जा सके।

घर के अंदर नेटवर्क- एक बड़ी चुनौती

उन्होंने कहा कि इमारतों के अंदर नेटवर्क की समस्या अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। डेटा उपयोग बढ़ने के बावजूद घरों के अंदर खराब सिग्नल की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसलिए जरूरी है कि भवन निर्माण में डिजिटल संपर्क के लिए ढांचा अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

लाहोटी ने बताया कि इस संबंध में दूरसंचार नियामक ने सरकार को सिफारिशें दी हैं, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया है। अब इन्हें भवनों के डिजाइन और निर्माण प्रक्रियाओं में शामिल करना आवश्यक होगा।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए दूरसंचार नियामक ने इमारतों में डिजिटल संपर्क की गुणवत्ता के आधार पर ’रेटिंग’ देने का ढांचा भी तैयार किया है। इससे मकानों और व्यावसायिक इमारतों में संपर्क की गुणवत्ता में सुधार होगा।

2024 में जारी हुए थे नियम

ट्राई ने अक्टूबर 2024 में नियम जारी किए थे जिनके तहत मुख्य रूप से आवासीय और व्यावसायिक भवनों को उनकी डिजिटल संपर्क की गुणवत्ता के आधार पर ’रेटिंग’ दी जाएगी। यह ’रेटिंग’ दूरसंचार नियामक द्वारा अधिकृत एजेंसी प्रदान करेगी।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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