NASA moon mission: नासा ने चांद का चक्कर लगाने वाली टीम का ऐलान कर दिया है। इसके लिए चार एस्ट्रोनॉट्स की घोषणा की गई है। नासा ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना के पूर्व फाइटर पायलट रीड वाइसमैन और विक्टर ग्लोवर, अनुभवी अंतरिक्ष स्टेशन अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच, कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन आर्टेमिस-2 मिशन (Artemis-II mission) की टीम होगी।
क्या है Artemis-II mission
Artemis-II mission अगले साल के अंत तक अपना मिशन शुरू करेगा। 2024 में नासा का आर्टेमिस 2 चंद्र मिशन लगभग 50 वर्षों बाद चंद्रमा के चारों ओर पहला अंतरिक्ष यात्री भेजेगा। आर्टेमिस-2 एक आठ दिवसीय मिशन है, जो नासा के तीन अंतरिक्ष यात्रियों और एक कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा का चक्कर लगवाएगा। 2025 में आर्टेमिस-3 के चंद्रमा लैंडिंग मिशन से पहले यह आखिरी परीक्षण उड़ान है।
आर्टेमिस-I मिशन सफल
पिछले साल के अंत में आर्टेमिस-I मिशन सफल रहा था। यह एक मानव रहित चंद्रमा मिशन रहा था। जिसके बाद आर्टेमिस-2 मिशन की कहानी शुरू हुई। आर्टेमिस-1 मिशन सफलता के बाद ही अब आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्षयात्रियों की घोषणा की गई है।
1969 में चांद पर पहुंचा था इंसान
सबसे पहले चांद पर 1969 ने इंसान ने कदम रखा था। तब नासा की टीम ने ही इसमें सफलता पाई थी। 1969 में नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने चांद पर पहली बार कदम रखा था, उसके बाद 11 और लोग चांद की मिट्टी छुने में सफल रहे थे। अपोलो-11 के बाद अपोलो-12 मिशन गया, अपोलो-14 मिशन, अपोलो-15 मिशन, अपोलो-16 मिशन, अपोलो-17 मिशन के जरिए नासा चांद की धरती तक पहुंचता रहा।
