टेक एंड गैजेट्स

Instagram और Facebook के लाखों अकाउंट हुए बैन, मेटा की बड़ी कार्रवाई में 21 लोगों गए जेल

साइबर क्रिमिनल्स की वजह से लोगों का आर्थिक नुकसान तो होता ही और जीवन में भी बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही लोगों का प्लेटफॉर्म से विश्वास भी टूट जाता है। इन क्रिमिनल्स को इन तरह से डिजाइन किया जाता है कि इनके बारे में लोगों को पता न चल सके और इन्हें रोका भी न जा सके।

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फेसबुक इंस्टाग्राम के लाखो अकाउंट्स हटाए गए।

अगर आप इंस्टाग्राम इस्तेमाल करते हैं तो आपेक लिए काम की खबर है। मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म से 1.5 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को बंद कर दिया है। कंपनी की तरफ से यह बड़ा कदम साउथ ईस्ट एशिया से होने वाले ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क में लगाम कसने के उद्देश्य से उठाया है। मेटा लगातार अपने यूजर्स की सेफ्टी के लिए ऑनलाइन स्कैम के खिलाफ कड़े कदम उठा रहा है। अकाउंट बंद करने के साथ ही इस मामले में करीब 21 लोगों को जेल भी भेजा गया है।

ऑनलाइन स्कैम में लगाम कसने के लिए कंपनी तरफ से पिछले कई दिनों से सख्ती बरती जा रही है। बैंकांक में एक हफ्ते से तक चले ऑपरेशन के बाद लाखों अकाउंट को बंद करने का फैसला लिया गया। ऑनलाइन धोखा धड़ी के खिलाफ इस टास्क में मेटा, रॉयल थाई पुलिस एंटी-साइबर स्कैम सेंटर (ACSC), अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) और अमेरिकी न्याय विभाग के स्कैम सेंटर स्ट्राइक फोर्स के साथ-साथ कई देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां शामिल थीं।

कंपनी के मुताबिक साइबर क्रिमिनल्स की वजह से लोगों का आर्थिक नुकसान तो होता ही और जीवन में भी बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही लोगों का प्लेटफॉर्म से विश्वास भी टूट जाता है। इन क्रिमिनल्स को इन तरह से डिजाइन किया जाता है कि इनके बारे में लोगों को पता न चल सके और इन्हें रोका भी न जा सके।

फ्रॉड को रोकने के लिए लगातार हो रहा है काम

कंपनी ने कहा कि साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए लगातार काम चल राह है और ऐसे टास्क में ऐसे में टेक इंडस्ट्री और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को लगातार साझेदारी की जरूरत होती है ताकि सभी लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें।

Meta ने कंबोडिया, म्यांमार और लाओस में चल रहे बड़े स्कैम सेंटरों से जुड़े कई अकाउंट्स को हटाने की कार्रवाई की है। ये संगठित आपराधिक नेटवर्क की तरह काम करते हैं, जहां कर्मचारियों की तय संरचना होती है, ठगी के लिए स्क्रिप्ट तैयार रहती हैं, टारगेट पूरे करने का दबाव होता है और पकड़े जाने से बचने के लिए खास सिस्टम बनाए जाते हैं। इन गिरोहों ने दुनिया के कई हिस्सों में लोगों को निशाना बनाया है। खास तौर पर अमेरिका, ब्रिटेन और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के कई देशों के लोग इनके शिकार बने हैं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारी author

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से ... और देखें

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