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AI को पूरी तरह अपनाने वाली मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां होंगी ज्यादा प्रतिस्पर्धी: रिपोर्ट

केपीएमजी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 96 प्रतिशत संगठनों ने परिचालन और दक्षता में सुधार का अनुभव किया है और 62 प्रतिशत ने 10 प्रतिशत से अधिक के रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (आरओआई) का अनुभव किया है, जबकि 80 प्रतिशत संगठनों ने एआई नॉलेज और स्किलिंग ट्रेनिंग में निवेश किया है।

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AI Integration: भारत सहित आठ देशों के लगभग 93 प्रतिशत इंडस्ट्री लीडर्स का मानना है कि एआई को पूरी तरह से इंटीग्रेट करने वाली मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ेगी और वे बढ़त हासिल करेंगे। यह जानकारी सोमवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।

केपीएमजी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 96 प्रतिशत संगठनों ने परिचालन और दक्षता में सुधार का अनुभव किया है और 62 प्रतिशत ने 10 प्रतिशत से अधिक के रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (आरओआई) का अनुभव किया है, जबकि 80 प्रतिशत संगठनों ने एआई नॉलेज और स्किलिंग ट्रेनिंग में निवेश किया है।

लगभग 74 प्रतिशत संगठन मशीन लर्निंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, 72 प्रतिशत प्रीडिक्टिव-एनालिटिक्स और 67 प्रतिशत संगठन एजेंटिक एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। उत्पादन और सप्लाई चेन में एआई रियल-टाइम में निर्णय लेने, प्रीडिक्टिव-एनालिटिक्स और सेल्फ-ऑप्टिमाइजिंग वर्कफ्लो को आसान बनाता है।

'इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग रिपोर्ट' के अनुसार, एआई लागत अनुकूलन और इंटेलिजेंट कमोडिटी फोरकास्टिंग को लेकर एक सार्थक निर्णय सपोर्ट सिस्टम प्रदान करने के लिए क्लाइंट कंजप्शन पैटर्न और ग्लोबल सूचकांक जैसे इंटरनल और एक्सटर्नल डेटा पॉइंट्स को कंबाइन कर सकता है।

एजेन्टिक एआई मांग और आपूर्ति को समझकर केंद्रित रूप से कार्य कर सकता है। साथ ही ऑप्टिमल इंवेंट्री का सुझाव देकर कस्टमर डिलीवरी अनुपालन को बेहतर बना सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई बैक ऑफिस में, एआई फाइनेंस, खरीद और एचआर कार्य को सुव्यवस्थित करता है।

केपीएमजी इन इंडिया के इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग में पार्टनर और नेशनल सेक्टर लीडर एस सतीश ने कहा, "एआई अब एक विकल्प नहीं बल्कि एक रणनीतिक आवश्यकता है। जैसे-जैसे कंपनियां इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजीज को अपनाती हैं, वे न केवल दक्षता बढ़ा रहे हैं, बल्कि मौजूदा उद्योग परिचालन मॉडल को फिर से परिभाषित कर रहे हैं।"

इंडस्ट्री के 77 प्रतिशत लीडर्स के अनुसार, एआई अपनाने का सबसे अधिक प्रभाव आरएंडडी और आईटी कार्यों पर पड़ रहा है। हालांकि, इसका प्रभाव वैल्यू चेन में भी फैला हुआ है, जिसमें 70 प्रतिशत लोगों ने कहा कि एआई के मुख्य व्यावसायिक कार्यों में शामिल हो जाने से परिचालन में सुधार हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 89 प्रतिशत लोगों का मानना है कि कर्मचारी एआई टूल्स और टेक्नोलॉजी को तेजी से अपना रहे हैं।

इनपुट- आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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