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Jio ने 50 करोड़ ग्राहकों को दीवाली पर दिया तोहफा, अब 'क्रिप्टोकरेंसी' में मिलेंगे रिवॉर्ड्स

यह पहल Aptos की हाई-स्पीड और कम लागत वाली लेयर-1 ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ स्पेकुलेटिव डिजिटल एसेट नहीं, बल्कि रियल-वर्ल्ड यूजेज प्रदान करना है। फिलहाल यह प्लेटफॉर्म बीटा टेस्टिंग में है, जिसमें लगभग 9.4 मिलियन यूजर्स हिस्सा ले रहे हैं।

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Jio, Aptos Blockchain Rewards/Photo-AI

भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio, जिसके पास 500 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं, ने Aptos Foundation और Aptos Labs के साथ मिलकर अपने यूजर्स के लिए ब्लॉकचेन आधारित रिवॉर्ड्स पेश करने की योजना बनाई है। यह पहल Aptos की हाई-स्पीड और कम लागत वाली लेयर-1 ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ स्पेकुलेटिव डिजिटल एसेट नहीं, बल्कि रियल-वर्ल्ड यूजेज प्रदान करना है। फिलहाल यह प्लेटफॉर्म बीटा टेस्टिंग में है, जिसमें लगभग 9.4 मिलियन यूजर्स हिस्सा ले रहे हैं।

ब्लॉकचेन रिवॉर्ड्स Jio के डिजिटल इकोसिस्टम में

इस साझेदारी के तहत, Jio अपने टेलीकॉम नेटवर्क के माध्यम से ब्लॉकचेन तकनीक को मुख्यधारा की उपभोक्ता सेवाओं में एकीकृत करेगा। यह कदम “Aptos Experience” इवेंट में घोषित किया गया, जो पारंपरिक उद्योगों में Web3 तकनीकों में बढ़ती रुचि को दर्शाता है। Aptos की इंफ्रास्ट्रक्चर Jio के विशाल स्केल को संभालने में सक्षम है और भारी ट्रांजैक्शन लोड को आसानी से मैनेज कर सकता है।

Aptos Labs के प्रवक्ता के अनुसार, “लगभग 9.4 मिलियन यूजर्स अब ब्लॉकचेन रिवॉर्ड्स के प्रयोग में हैं। हमारा उद्देश्य स्पेकुलेटिव डिजिटल एसेट्स की बजाय रियल-वर्ल्ड यूज़ेज पर फोकस करना है। हम चाहते हैं कि ब्लॉकचेन Jio सब्सक्राइबर्स की दैनिक डिजिटल जिंदगी में सहज रूप से समाहित हो।”

ब्लॉकचेन का व्यावहारिक उपयोग

ब्लॉकचेन-आधारित रिवॉर्ड सिस्टम का उद्देश्य केवल निवेश या सट्टेबाज़ी नहीं है। यह रोजमर्रा के डिजिटल ट्रांजैक्शन्स, सेवाओं और यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। Aptos Labs तकनीकी सहयोग देगा और प्लेटफॉर्म के निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगा।

Jio का ब्लॉकचेन विजन

अगस्त 2023 में, Mukesh Ambani ने Jio के लिए ब्लॉकचेन इंटीग्रेशन की योजना का संकेत दिया था। जनवरी में, Jio Platforms ने Polygon Labs के साथ साझेदारी की थी ताकि मौजूदा ऐप्स और सेवाओं में Web3 क्षमताएं जोड़ी जा सकें और यूजर्स के डिजिटल अनुभव को और बेहतर बनाया जा सके।

क्रिप्टो मार्केट का हाल

हालांकि Jio और Aptos के इस बड़े एलायंस की घोषणा के बावजूद, CoinMarketCap के अनुसार Aptos टोकन्स में पिछले 24 घंटों में 6% की गिरावट आई है, जो समग्र क्रिप्टो मार्केट ट्रेंड का हिस्सा है। यह साझेदारी दुनिया में किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर द्वारा Web3 इन्फ्रास्ट्रक्चर के सबसे बड़े वास्तविक-विश्व कार्यान्वयन में से एक मानी जा रही है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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