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Made In India का कमाल, भारत ने चीन को छोड़ा पीछे, एक साल में 1.4 करोड़ आईफोन विदेश भेजे

कंपनी ने सिर्फ FY26 के पहले नौ महीनों में ही करीब 16 अरब डॉलर (लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये) के iPhone एक्सपोर्ट किए हैं। FY22 से अब तक कुल शिपमेंट 50 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है और वित्त वर्ष के बचे हुए महीनों में इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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Made In India iPhone Sale

एपल ने भारत में अब तक का अपना सबसे शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत में एपल के iPhone शिपमेंट में जोरदार बढ़ोतरी हुई, जिससे कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में भी इजाफा हुआ। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब भारत वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार बन चुका है। हालांकि, इसके बावजूद भारत का कुल स्मार्टफोन बाजार सालभर लगभग स्थिर ही रहा।

iPhone शिपमेंट में तेज उछाल

मार्केट इंटेलिजेंस फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च के आंकड़ों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत में एपल के iPhone शिपमेंट में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके चलते एपल की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 9 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो 2024 में करीब 7 प्रतिशत थी। यह भारत में एपल का अब तक का सबसे बेहतरीन वार्षिक प्रदर्शन माना जा रहा है।

क्यों बढ़ी एपल की पकड़

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता के पीछे कई अहम कारण हैं। एपल का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो अब काफी विस्तृत हो चुका है, जिसमें लेटेस्ट iPhone 17 सीरीज से लेकर iPhone 16 सीरीज और नॉन-फ्लैगशिप iPhone 16e जैसे मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों पर iPhone की बेहतर उपलब्धता, नो-कॉस्ट EMI और बैंक ऑफर्स जैसी आसान फाइनेंसिंग सुविधाओं ने भी बिक्री को बढ़ावा दिया।

भारतीय स्मार्टफोन बाजार रहा लगभग स्थिर

जहां एपल ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की, वहीं भारत का कुल स्मार्टफोन बाजार 2025 में लगभग स्थिर रहा। आंकड़ों के अनुसार, सालभर में करीब 152 से 153 मिलियन यूनिट्स की शिपमेंट हुई, जो पिछले साल के आसपास ही रही।

भारत बना एपल का अहम मैन्युफैक्चरिंग हब

पिछले कुछ वर्षों में एपल ने चीन पर निर्भरता कम करते हुए अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस को अन्य देशों में शिफ्ट करना शुरू किया है, जिसमें भारत एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, एपल अब तक भारत में बने iPhone मॉडल्स की 50 अरब डॉलर (करीब 4.51 लाख करोड़ रुपये) की शिपमेंट कर चुका है।

PLI स्कीम से मिला बड़ा फायदा

एपल को ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत PLI स्कीम में शामिल किया गया है, जहां फॉक्सकॉन जैसे कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के जरिए iPhone का असेंबली काम किया जा रहा है। कंपनी ने सिर्फ FY26 के पहले नौ महीनों में ही करीब 16 अरब डॉलर (लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये) के iPhone एक्सपोर्ट किए हैं। FY22 से अब तक कुल शिपमेंट 50 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है और वित्त वर्ष के बचे हुए महीनों में इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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