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भारतीयों का मानना-AI टेक्नोलॉजी से आर्थिक विकास को गति मिलेगी, रिपोर्ट में दावा

Artificial Intelligence: एचपी फाउंडेशन में सोशल इम्पैक्ट के प्रमुख और निदेशक, मिशेल मालेज्की ने कहा कि हम जानते हैं कि टेक्नोलॉजी विकास दर को आगे बढ़ाने के लिए एक काफी शक्तिशाली टूल है। हालांकि, अभी हमें तेजी से बदलती दुनिया में डिजिटल डिवाइड को कम करना बाकी है।

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Artificial Intelligence

Artificial Intelligence: करीब 89 प्रतिशत भारतीय मानते हैं कि टेक्नोलॉजी (एआई सहित) के जरिए पारंपरिक और आर्थिक तौर पर पिछड़े लोगों को अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा सकता है। एक रिपोर्ट में बुधवार को ये दावा किया गया।

पर्सनल कंप्यूटर और प्रिंटर बनाने वाली कंपनी एचपी की ओर से कहा गया कि ग्लोबल स्तर पर 76 प्रतिशत बिजनेस और सरकारी लीडर्स का मानना है कि एआई सामाजिक उद्देश्यों को हासिल करने में उनकी मदद कर सकता है।

टेक्नोलॉजी विकास के लिए पावरफुल टूल

एचपी फाउंडेशन में सोशल इम्पैक्ट के प्रमुख और निदेशक, मिशेल मालेज्की ने कहा कि हम जानते हैं कि टेक्नोलॉजी विकास दर को आगे बढ़ाने के लिए एक काफी शक्तिशाली टूल है। हालांकि, अभी हमें तेजी से बदलती दुनिया में डिजिटल डिवाइड को कम करना बाकी है। हमें लोगों को टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने की स्किल सिखानी होगी।

एआई पीसी पेश करेगा एचपी

एचपी की ओर से कहा गया कि हम एआई ट्रेनिंग को अपने एचपी लाइफ प्रोग्राम से जोड़ेंगे। भारत सहित वैश्विक स्तर पर एचपी, डिजिटल बिजनेस स्किल इनिशिएटिव के तहत एआई ट्रेनिंग स्किल निशुल्क उपलब्ध कराता है। एचपी की ओर से कहा गया कि वे जल्द ही भारत में अगली पीढ़ी के एआई पीसी पेश करेंगे।

एचपी लाइफ फ्री स्किल- बिल्डिंग प्रोग्राम

एचपी ने कहा कि उसका उद्देश्य 27.5 लाख यूजर्स को 2030 तक एचपी लाइफ फ्री स्किल- बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत जोड़ना है। एचपी फाउंडेशन की ओर से ये कार्यक्रम चलाया जाता है। 2016 से एचपी की ओर से इस प्रोग्राम को चलाया जा रहा है। वैश्विक स्तर पर अब तक इसमें 12 लाख यूजर्स जुड़ चुके हैं। इसकी मदद से लोगों को जॉब और व्यापार शुरू करने की स्किल द जाती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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