सोशल मीडया में उम्र की सीमा को लेकर टेक कंपनियों से चल रही है बातचीत, AI Summit में बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
- Authored by: गौरव तिवारी
- Updated Feb 17, 2026, 06:17 PM IST
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईटी इंडस्ट्री भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। जब भी कोई नई तकनीक आती है या बड़ा बदलाव होता है, तो उसे इंडस्ट्री, शिक्षा जगत और सरकार को मिलकर संभालना पड़ता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वैष्णव।
भारत सरकार उम्र के आधार पर सोशल मीडिया इस्तेमाल की सीमा तय करने को लेकर टेक कंपनियों से बातचीत कर रही है। सरकार इस बात पर चर्चा कर रही है कि अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर कुछ सीमाएं लगाई जाएं। इसका मुख्य मकसद कम उम्र के यूजर्स को सुरक्षित रखना है। फिलहाल अभी तक सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए अंतिम नियम या फिर उम्र की कोई सीमा तय नहीं की गई है। ये जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वैष्णव ने भारत मंडपम में आयोजित IndiaAIImpactSummit के दौरान दी।
आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर में एक सख्त नियम लागू किया। इस नियम के तहत TikTok, YouTube, Snapchat और अन्य बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों से कहा गया कि वे कम उम्र के किशोरों द्वारा बनाए गए अकाउंट हटा दें। सरकार ने साफ किया कि अगर कंपनियां इस नियम का पालन नहीं करेंगी, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इस कदम का मकसद बच्चों और किशोरों को सोशल मीडिया के संभावित खतरों से बचाना है।
नई तकनीक से बड़ा बदलाव होता है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईटी इंडस्ट्री भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। जब भी कोई नई तकनीक आती है या बड़ा बदलाव होता है, तो उसे इंडस्ट्री, शिक्षा जगत और सरकार को मिलकर संभालना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अभी सरकार इंडस्ट्री और एकेडेमिया के साथ मिलकर तीन अहम दिशाओं में काम कर रही है।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक पहला, जो लोग पहले से काम कर रहे हैं उन्हें रीस्किलिंग और अपस्किलिंग के जरिए नई तकनीक की ट्रेनिंग देना। दूसरा, नई प्रतिभाओं की एक मजबूत पाइपलाइन तैयार करना। और तीसरा, यह सुनिश्चित करना कि आने वाली पीढ़ी नई तकनीकों के लिए पूरी तरह तैयार हो। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक 100 से ज्यादा कॉलेज ऐसे हैं, जहां आईटी इंडस्ट्री अपने टैलेंट को दोबारा ट्रेनिंग देकर नई स्किल्स सिखा रही है।
रिसर्च के लिए मिल रही है फंडिंग
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई स्टैक की सभी पांच परतों में निवेश बढ़ रहा है। उनके अनुसार, वेंचर कैपिटल फर्में (VCs) डीप टेक स्टार्टअप्स को फंड दे रही हैं। साथ ही बड़े समाधान और बड़े एप्लिकेशन तैयार करने वाले प्रोजेक्ट्स में भी निवेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई और उन्नत एआई मॉडल्स पर रिसर्च के लिए भी फंडिंग मिल रही है। उनका मानना है कि अगली पीढ़ी के मॉडल्स में सुधार सिर्फ इंजीनियरिंग से नहीं, बल्कि गणितीय नवाचार से भी आएगा। यही वजह है कि इन दोनों क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।
