Heatwave Impact Electronic Devices: इस समय उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में गर्मी का जमकर कहर बरस रहा है। कई राज्य इस समय भीषण लू (Heatwave) की चपेट में हैं। कई जगहों पर पारा 45 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर चुका है। इतनी भीषण गर्मी का असर सिर्फ मनुष्यों तक ही नहीं है बल्कि इसका असर हमारे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर भी पड़ता है। बढ़ता हुआ तापमान हमारे स्मार्टफोन और लैपटॉप को भी प्रभावित करता है।
अगर आपको लगता है कि धूप में सिर्फ आपकी त्वचा झुलस रही है, तो सावधान हो जाइए। यह हीटवेव आपके महंगे गैजेट्स को हमेशा के लिए कबाड़ बना सकती है। आइए आपको बताते हैं कि तेज चिलचिलाती गर्मी आपके मोबाइल और लैपटॉप को कैसे नुकसान पहुंचाती है और आप इस मौसम से इन्हें कैसे बचा सकते हैं।
गर्मी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की सबसे बड़ी दुश्मन
मोबाइल और लैपटॉप के अंदर के कंपोनेंट्स एक निश्चित तापमान पर काम करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। आमतौर पर, इनके लिए 0°C से 35°C तक का तापमान आदर्श टेम्प्रेचर माना जाता है। जब बाहरी तापमान 40°C या 45°C को पार करता है, तो इन गैजेट्स के अंदरूनी कंपोनेंट्स की स्थिति भी गंभीर हो जाती है।
बैटरी पर सीधा और बड़ा असर
तेज गर्मी का सबसे बड़ा और पहला असर गैजेट्स पर इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरियां पर पड़ता है। अत्यधिक गर्मी के कारण बैटरी के अंदर का केमिकल रिएक्शन तेज हो जाता है, जिससे उसकी लाइफ तेजी से घटती है। गर्मी की वह से कभी कभी बैटरी का हालत इस तरह से खराब हो जाती है कि इसमें थर्मल रनवे (Thermal Runaway) के कारण आग भी लग जाती है।
प्रोसेसर की परफॉर्मेंस पर असर
जब लैपटॉप या मोबाइल का प्रोसेसर (CPU/GPU) ज्यादा गर्म होता है, तो डिवाइस खुद को बचाने के लिए अपनी परफॉर्मेंस में कटौती कर देता है। इसे थर्मल थ्रॉटलिंग कहते हैं। इसके कारण आपका फोन हैंग होने लगता है, ऐप्स क्रैश हो जाते हैं और गेमिंग या वीडियो एडिटिंग के दौरान लैपटॉप सुस्त पड़ जाता है।
स्क्रीन और अन्य पार्ट्स का डैमेज होना
लगातार तेज धूप और गर्मी के संपर्क में रहने से स्मार्टफोन की AMOLED या LCD स्क्रीन के पिक्सल खराब हो सकते हैं, जिससे स्क्रीन पर परमानेंट पीले या काले धब्बे (डिस्कलरेशन) आ जाते हैं। इसके अलावा, फोन के अंदर के नाजुक पुर्जों को जोड़ने वाला ग्लू (grew) पिघल सकता है, जिससे वॉटर-रेसिस्टेंस (Water Resistance) खत्म हो सकती है।
हीटवेव में अपने गैजेट्स को कैसे बचाएं?
अगर आप नहीं चाहते कि गर्मी की वजह से आपका हजारों का नुकसान हो, तो आपको थोड़ा अलर्ट रहना पड़ेगा। आप कुछ ऐहतियात बरतकर इस भीषण गर्मी में अपने महंगे डिवाइस को प्रोटेक्ट कर सकते हैं।:
स्मार्टफोन के लिए टिप्स
कार के डैशबोर्ड पर फोन न छोड़ें: बंद कार के अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले दोगुना तेजी से बढ़ता है। डैशबोर्ड पर रखा फोन चंद मिनटों में डैमेज हो सकता है। इसलिए कार के अंदर फोन को रखकर न जाएं।
चार्जिंग के समय कवर हटा दें: भारी या प्लास्टिक के कवर गर्मी को बाहर निकलने नहीं देते। इसलिए गर्मी के सीजन में फोन को चार्ज करते समय या गेम खेलते समय कवर हटा दें।
सीधे धूप में इस्तेमाल से बचें: कड़कती धूप में खड़े होकर रील्स देखना या वीडियो कॉलिंग करना फोन को भट्टी में झोंकने जैसा है। इसलिए मई जून की गर्मी में बाहर फोन इस्तेमाल करने से बचें।
लैपटॉप के लिए टिप्स
बिस्तर या सोफे पर रखकर काम न करें: कपड़े की सतह लैपटॉप के वेंट्स (हवा निकलने के रास्ते) को ब्लॉक कर देती है। इसलिए भीषण गर्मी में लैपटॉप को टेबल पर ही रखकर इस्तेमाल करें। इसके अलावा आप लैपटॉप को ठंडा रखने के लिए कूलिंग पैड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
बैकग्राउंड ऐप्स बंद करें: कई बार हमें पता नहीं चलता और कई सारे ऐप्स बैकग्राउंड में चलते रहते हैं जिससे बैटरी की खपत बढ़ती है और साथ ही डिवाइस भी जल्दी हीट होता है। इसलिए जिन ऐप्स की जरूरत ना हो उन्हें बंद रखें।
स्लीप मोड की जगह शटडाउन करें: कई बार लोग काम होने के बाद उसे स्लीप मोड में डाल देते है जिससे लैपटॉप बैटरी की खपत करता रहता है। इसलिए लैपटॉप को सीधे बैग में डालने से पहले सुनिश्चित करें कि वह पूरी तरह बंद (Shut Down) हो, न कि सिर्फ स्लीप मोड में।
