मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है। इनमें डिजिटल इंडिया अभियान और देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार एक प्रमुख उपलब्धि के तौर पर पेश किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत में मोबाइल डेटा की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है, जिससे आम लोगों के लिए इंटरनेट पहले के मुकाबले काफी सस्ता और सुलभ हुआ है।
269 रुपये प्रति GB से घटकर 8 रुपये प्रति GB हुआ डेटा
दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से एक्स पर किए गए एक पोस्ट के अनुसार साल 2014 में भारत में मोबाइल डेटा की कीमत करीब 269 रुपये प्रति GB थी, जो 2026 तक घटकर लगभग 8 रुपये प्रति GB रह गई है यानी मोबाइल डेटा की कीमतों में करीब 97 प्रतिशत की कमी आई है। सरकार का कहना है कि सस्ते डेटा ने देश में डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है और इंटरनेट अब आम भारतीयों की रोजमर्रा की जरूरतों का हिस्सा बन चुका है।
डिजिटल इंडिया से बढ़ी डिजिटल पहुंच
सरकार के मुताबिक, डिजिटल इंडिया सिर्फ एक योजना नहीं बल्कि देश में डिजिटल बदलाव का माध्यम बना है। सस्ते इंटरनेट के कारण ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल पेमेंट, ई-गवर्नेंस, टेलीमेडिसिन और ऑनलाइन कारोबार जैसी सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ी है। ग्रामीण और छोटे शहरों में भी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेजी आई है। मोबाइल इंटरनेट की आसान उपलब्धता ने युवाओं, छात्रों और छोटे कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।
12 साल की उपलब्धियों में डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर
मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के सामने रख रही है। इसमें दूरसंचार क्षेत्र में हुए बदलाव को भी अहम उपलब्धि बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि बेहतर नेटवर्क, कम डेटा कीमत और डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने भारत को एक डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद की है।
इंटरनेट बना विकास का माध्यम
सस्ते मोबाइल डेटा ने सिर्फ मनोरंजन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को नहीं बढ़ाया, बल्कि लोगों को सरकारी सेवाओं, बैंकिंग सुविधाओं और रोजगार के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने में भी भूमिका निभाई है।
