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आपके मोबाइल से गायब हो जाएंगे ये ऐप्स, चीन पर मोदी सरकार की एक और नकेल

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 14, 2023, 04:58 PM IST

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (IT Ministry) ने हाल में एक मीटिंग की है जिसमें Smartphone Companies के अधिकारियों से बात की गई है. इसे लेकर नए नियम भी लागू किए जाने वाले हैं और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताया जा रहा है. जानें पूरी बात.

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स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों पर सरकार दबाव डालकर इस बात की अनुमति ले सकती है.

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KEY HIGHLIGHTS
  • आपके फोन से गायब होंगे ये ऐप्स
  • सरकार जल्द ला रही है नया नियम
  • नेशनल सिक्योरिटी का है मामला

Pre-Installed App In Smartphones: भारत एक ऐसा कदम उठाने वाला है जो देशभर के हर एक स्मार्टफोन यूजर को प्रभावित करने वाला है. इस प्लान में प्रस्तावित नए सुरक्षा नियमों के हिसाब से नए मोबाइल में पहले से इंस्टॉल ऐप्स और रिमूव करने और बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट्स की स्क्रीनिंग अनिवार्य करना शामिल है. स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों पर सरकार दबाव डालकर इस बात की अनुमति ले सकती है. ये Information इस मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के अलावा रॉयटर्स द्वारा देखा गया सरकारी दस्तावेज है.

कंपनियों को होगा बड़ा घाटा

इस नए नियम की पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी, हालांकि अब इसका खुलासा हो गया है और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन मार्केट में लिया गया ये कदम कंपनियों के लिए घाटा का संकेत है. यहां सैमसंग से लेकर शाओमी और वीवो से ऐप्पल तक सभी को प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स के व्यापार में नुकसान होने वाला है. जनता की जासूसी और उनके डेटा के गलत इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इन नए नियमों पर तवज्जो दी है.

नेशनल सिक्योरिटी का मामला

सरकार के एक अधिकारी की मानें तो प्री-इंस्टॉल्ड ऐप सुरक्षा में सेंध की तरह हैं और हम ये काम करने वाले चीन जैसे अन्य देशों को रोकना चाहते हैं. ये नेशनल सिक्योरिटी का मामला है. बता दें कि 2020 में चीन से हुई तकरार के बाद भारत ने 300 से ज्यादा चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया हुआ है जिसमें टिकटॉक और पबजी शामिल हैं. सिर्फ भारत ही नहीं, अन्य कई सारे देशों को भी यही समस्या सता रही है और हमारे देश में इससे निजात पाने के पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं.

जल्द आएगा नया नियम

भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल में एक हाइलेवल मीटिंग की है जिनमें ऐप्पल से सैमसंग और वीवो के अलावा शाओमी तक के अधिकारियों को शामिल किया गया था. सरकार जल्द इन नियमों को लागू करने वाली है और लागू हो जाने के बाद स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों के लिए ये आदेश अनिवार्य कर दिया जाएगा. गौरतलब है कि देश के स्मार्टफोन मार्केट में चीन के सस्ते और एडवांस्ड फोन्स का दबदबा बना हुआ है, ऐसे में हमे इस नियम की ज्यादा जरूरत है, बाकी देशों में लोगों के लिए स्मार्टफोन का मतलब अमूमन ऐप्पल से है.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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