JEE Main छात्रों के लिए Google का बड़ा तोहफा, अब AI कराएगा बेस्ट प्रैक्टिस
- Authored by: Pradeep Pandey
- Updated Jan 29, 2026, 03:44 PM IST
अगर किसी सवाल या कॉन्सेप्ट को समझने में दिक्कत आती है, तो छात्र Gemini से उसका एक्सप्लनेशन भी मांग सकते हैं। इसके अलावा AI छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड स्टडी प्लान तैयार करने में भी मदद करेगा, जिससे तैयारी ज्यादा व्यवस्थित हो सके।
Google launches New Gemini AI Tools
Google ने भारत में JEE Main की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए नए Gemini AI टूल्स लॉन्च किए हैं। इन टूल्स का मकसद इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी को ज्यादा स्मार्ट और प्रभावी बनाना है। कंपनी ने पहले ही एजुकेटर्स और स्टूडेंट्स के लिए Gemini in Classroom जैसे फीचर्स पेश किए थे, और अब इन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं तक विस्तार दिया जा रहा है।
Gemini में मिलेंगे JEE Main मॉक टेस्ट
Google के मुताबिक, अब JEE Main अभ्यर्थी सीधे Gemini AI चैटबॉट के जरिए मॉक टेस्ट दे सकेंगे। छात्र केवल “I want to take a JEE Main mock test” लिखकर टेस्ट शुरू कर पाएंगे। टेस्ट पूरा होने के बाद Gemini तुरंत रिजल्ट, स्कोर, लिया गया समय और सही-गलत जवाबों की जानकारी देगा।
भारतीय कोचिंग संस्थानों के साथ साझेदारी
Google ने इन प्रैक्टिस टेस्ट्स को ज्यादा भरोसेमंद बनाने के लिए PhysicsWallah और Careers360 जैसे भारतीय कोचिंग संस्थानों के साथ साझेदारी की है। ये संस्थान कंटेंट को वेरिफाई करेंगे, ताकि मॉक टेस्ट असली JEE Main परीक्षा के पैटर्न और कठिनाई स्तर के ज्यादा करीब हों।
जटिल टॉपिक्स की आसान समझ
अगर किसी सवाल या कॉन्सेप्ट को समझने में दिक्कत आती है, तो छात्र Gemini से उसका एक्सप्लनेशन भी मांग सकते हैं। इसके अलावा AI छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड स्टडी प्लान तैयार करने में भी मदद करेगा, जिससे तैयारी ज्यादा व्यवस्थित हो सके।
Search के AI Mode में भी मिलेगा सपोर्ट
Google जल्द ही इन सुविधाओं को Search के AI Mode में भी जोड़ने वाला है। यहां Canvas टूल की मदद से छात्र स्टडी गाइड और इंटरएक्टिव क्विज बना सकेंगे। वे अपनी क्लास नोट्स अपलोड करके AI से क्विज़ या गाइड तैयार करवा पाएंगे।
जरूरत के हिसाब से कस्टमाइजेशन
AI Mode in Search में छात्र सवालों की कठिनाई, फॉर्मेट, गहराई और जटिलता को परीक्षा के अनुसार बदल सकेंगे। क्विज़ खत्म होने के बाद यहां भी स्कोर और फीडबैक मिलेगा, जिससे छात्र अपनी तैयारी का सही आकलन कर सकें।