Google Ceo Sundar Pichai And Gemini AI Troubles: "गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई को जेमिनी की असफलता के बीच जल्द ही निकाल दिया जाएगा या उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।" यह कहना है हेलिओस कैपिटल के संस्थापक समीर अरोड़ा का। बता दें कि हाल ही हुए विवाद के बाद गूगल ने अपने एआई टूल जेमिनी पर रोक लगा दी है। अब इसे लेकर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को कारण बताया जा रहा है।
गूगल ने जेमिनी एआई पर लगाई रोक
गूगल अपने जेमिनी एआई के कारण विवादों में घिर गया है। इसके पीछे दो कारणों को माना जा रहा है। पहला- इसने "ऐतिहासिक रूप से गलत फोटो बनाई" जिस पर नस्लवाद का आरोप लगाया जा रहा है। दूसरा पीएम नरेंद्र मोदी पर 'पक्षपातपूर्ण' उत्तरों के लिए।
कंपनी पहले ही कह चुकी है कि वह अब चैटबॉट को पावर देने वाले एआई मॉडल को परिष्कृत करने पर काम कर रही है। कंपनी ने यह भी कहा था कि जेमिनी को रचनात्मकता और उत्पादकता उपकरण के रूप में बनाया गया है और ये हमेशा भरोसेमंद नहीं हो सकता है। लेकिन इस गड़बड़ी को गूगल की 'विफलता' के रूप में देखा जा रहा है।
नौकरी से निकाले जाएंगे या इस्तीफा देंगे पिचाई- समीर अरोड़ा
इसी विवाद के बीच हेलिओस कैपिटल के संस्थापक समीर अरोड़ा ने बड़ी टिप्पणी की है। एक एक्स (पहले ट्विटर) यूजर्स के पोस्ट का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, "मेरा अनुमान है कि उन्हें निकाल दिया जाएगा या इस्तीफा दे दिया जाएगा - जैसा कि उन्हें करना चाहिए। एआई पर अग्रणी होने के बाद वह इस पर पूरी तरह से विफल हो गए हैं और दूसरों को इस पर कब्जा करने दिया है।"
जेमिनी एआई क्या है?
गूगल ने हाल ही में ग्लोबली सभी यूजर्स के लिए अपने एआई टूल को आधिकारिक तौर पर लॉन्च करते हुए अपने चैटबॉट बार्ड को जेमिनी के रूप में रीब्रांड किया है। यह चैटजीपीटी की तरह सवाल-जवाब कर सकता है। निबंध लिख सकता है। फोटो क्रिएट कर सकता है। टेक दिग्गज के अनुसार, यूजर्स जेमिनी प्रो 1.0 मॉडल के साथ 230 से अधिक देशों और 40 से अधिक भाषाओं में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन नए विवाद के बाद इसे फिलहाल रोका गया है।
