Digital arrests cyber frauds: डिजिटल सुरक्षा को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को फिनटेक स्टार्टअप्स से डिजिटल अरेस्ट और साइबर धोखाधड़ी जैसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए नए समाधान खोजने के लिए कहा है। साथ ही, उन्होंने फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सेक्टर की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि फिनटेक कंपनियों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाने और डिजिटल भुगतान सिस्टम को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इस पहल से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल पेमेंट्स अवार्ड्स 2025 समारोह में कहा कि डिजिटल गिरफ्तारी और साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए फिनटेक स्टार्टअप्स को समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीप फेक जैसी टेक्नोलॉजी जनता को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं, इसलिए इनसे निपटने के लिए नए सुरक्षा उपायों की जरूरत है।
भारतीय फिनटेक क्षेत्र की वैश्विक क्षमता
वित्त मंत्री सीतारमण ने भारतीय फिनटेक क्षेत्र की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह वित्तीय समावेश को बढ़ाने और भुगतान प्रणाली को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय फिनटेक इनोवेशन में वैश्विक सार्वजनिक वस्तु बनने की क्षमता है, जिससे अन्य उभरती और विकसित अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिल सकता है।
यूपीआई और डिजिटल लेन-देन में भारत की बढ़त
वित्त मंत्री ने बताया कि यूपीआई के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय भुगतान अब भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई में स्वीकार किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय फिनटेक बाजार 2028-29 तक 400 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंच सकता है। भारत अब दुनिया के सभी वास्तविक समय के डिजिटल लेन-देन का लगभग आधा हिस्सा है, जिससे देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
