आधार कार्ड आज के समय में एक जरूरी डॉक्यूमेंट बन चुका है। इसका इस्तेमाल हर उस जगह पर किया जाता है जहां पर आईडी प्रूफ की जरूर होती है। चाहे स्कूल में एडमीशन लेना हो या फिर जॉब की बात हो आपके पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इस बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है कि अब स्टारलिंक सर्विस इस्तेमाल करने के लिए भी आधार कार्ड होना जरूरी होगा। स्टारलिंक आधार कार्ड के जरिए ही अपने यूजर्स को वेरिफाई करेगा।
अरबपति एलन मस्क की कंपनी Starlink की कंपनी जल्द ही भारत में शुरू होंगी। भारत सरकार ने स्टारलिंक को सर्विस शुरू करने के लिए इजाजत दे दी है। सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस को लेकर पिछले काफी दिनों से चर्चा हो रही है। अब स्टारलिंक को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। स्टारलिंक भारत में यूनिक ऑइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के साथ मिलकर काम करेगी। इस बात की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की तरफ से दी गई।
वेरिफिकेशन प्रॉसेस होगा आसान
जानकारी के मुताबिक UIDAI ने स्टारलिंक सैटेलाइट कम्यूनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड को सब-ऑथेंटिकेशन यूजर एजेंसी बनाया है। इस पॉर्टनरशिप के तहत स्टारलिंक भारत में अपने यूजर्स के वेरिफिकेशन के लिए आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करेगा। इससे नो योर कस्टमर रूल्स को फॉलो करना भी काफी आसान हो जाएगा।
जून में मिला था ऑपरेशन लाइसेंस
आपको बता दें कि इससे पहले मस्क की इस सैटेलाइट बेस्ड स्टारलिंक कंपनी को भारत में सर्विस शुरू करने के लिए ऑपरेशन लाइसेंस मिला था और अब आधार के जरिए KYC करने को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। इस पॉर्टनरशिप से कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया आसान तो बनेगी ही साथ में यह पेपरलेस भी होगी। अगर आप स्टारलिंक कनेक्शन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको आधार से वेरिफाई करना होगा।
कंपनी को अप्रूवल का इंतजार
आपको बता दें कि जून के महीने में स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए टेलीकॉम डिपॉर्टमेंट के तरफ से लाइसेंस दिया गया था। अब कंपनी को सिर्फ इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराजेशन सेंटर यानी IN-SPACe की तरफ से इजाजत मिलने का इंतजार है। आपको बता दें कि हाल ही में यह भी खबर सामने आई थी एलन मस्क की कंपनी को भारत में फिलहाल सिर्फ 20 लाख कनेक्शन्स की ही मंजूरी मिली है।
